बाणसागर से बिहार को मिलेगा पानी, देवलोंद परियोजना में फिर शुरू होगा बिजली उत्पादन
रीवा, 04 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध से जल्द ही बिहार के हिस्से का पानी छोड़ा जाएगा। जल संसाधन विभाग के अनुसार बिहार सरकार ने अपने जलाशयों और टैंकों को भरने के लिए पानी की मांग की है, जिसके बाद आगामी तीन दिनों में बाणसागर से 58 क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। इस कदम से जहां बिहार को खरीफ सीजन के लिए जल उपलब्ध होगा, वहीं मध्यप्रदेश में बिजली उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
जानकारी के अनुसार बाणसागर से पानी छोड़े जाने के बाद देवलोंद जल विद्युत परियोजना की बंद पड़ी इकाइयों में भी उत्पादन शुरू हो जाएगा। देवलोंद परियोजना की 20-20 मेगावाट क्षमता वाली तीन इकाइयां कई महीनों से बंद हैं, लेकिन पानी का प्रवाह बढ़ने पर इनसे प्रतिदिन चार से पांच लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने की संभावना है।
वर्तमान में बाणसागर से जुड़ी तीन जल विद्युत परियोजनाओं से करीब 50 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन उत्पादित की जा रही है। देवलोंद परियोजना के पुनः शुरू होने से प्रदेश को बढ़ती बिजली मांग के बीच कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इस समय प्रदेश में बिजली की मांग लगभग 19 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक बिहार इस पानी का उपयोग अपने जलाशयों को भरने और खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए करेगा। बाणसागर परियोजना में बिहार के हिस्से का पानी अभी उपलब्ध है। पिछले वर्षों में भी बिहार द्वारा मई-जून के दौरान अपने हिस्से के पानी की मांग की जाती रही है। वहीं उत्तर प्रदेश की ओर से फिलहाल पानी की कोई मांग नहीं की गई है।
जलस्तर पिछले वर्ष से कम
बाणसागर बांध का जलस्तर पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कुछ कम दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष 2 जून को बांध का जलस्तर 336.58 मीटर था, जबकि इस वर्ष यह 336.43 मीटर पर दर्ज किया गया है। यानी जलस्तर में करीब 15 सेंटीमीटर की कमी आई है।
बांध की पूर्ण जलभराव क्षमता 341.64 मीटर है और वर्तमान में इसमें लगभग 55.22 प्रतिशत पानी संग्रहित है। फिलहाल बांध से 176 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि जल आवक मात्र 5 क्यूमेक्स है। बिहार को पानी दिए जाने के बाद बांध से कुल जल निकासी बढ़कर 234 क्यूमेक्स तक पहुंच जाएगी।
जल संसाधन विभाग का मानना है कि निर्धारित जल प्रबंधन के तहत पानी छोड़े जाने से बिहार को उसका हिस्सा मिल सकेगा और साथ ही प्रदेश में जल विद्युत उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

