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अनूपपुर: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर इंगाराजविवि में जागरूकता रैली एवं व्याख्यान आयोजित

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अनूपपुर: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर इंगाराजविवि में जागरूकता रैली एवं व्याख्यान आयोजित


अनूपपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में गुरूवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर मनोविज्ञान विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत जागरूकता रैली, मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग एवं विभागीय व्याख्यान का आयोजन किया गया।

जागरूकता रैली को मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ललित कुमार मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। रैली विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों, प्रशासनिक भवन एवं सार्वजनिक स्थलों से होकर गुजरी। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नारों, पोस्टरों एवं पंपलेट वितरण के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा आत्महत्या की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया।

अभियान के अंतर्गत मनोविज्ञान विभाग के परामर्श केंद्र द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न समस्याओं की स्क्रीनिंग भी की गई। इसके साथ ही गूगल फॉर्म के माध्यम से विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में मानसिक रूप से संवेदनशील विद्यार्थियों की पहचान करने का प्रयास किया गया, ताकि आवश्यकता के अनुसार उन्हें समय पर परामर्श एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनें विद्यार्थी

दूसरे चरण में विभागीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. ललित कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मनोविज्ञान के विद्यार्थी होने के नाते उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे मानसिक तनाव, विषाद अथवा अन्य मनोवैज्ञानिक कठिनाइयों से गुजर रहे अपने मित्रों एवं साथियों के व्यवहार में आने वाले चेतावनी संकेतों को पहचानें और उन्हें समय रहते उचित परामर्श एवं उपचारात्मक सहायता लेने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि आत्महत्या की रोकथाम केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समाज को संवेदनशील और जागरूक होने की आवश्यकता है। मानसिक संकट से जूझ रहे व्यक्ति के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार, उसकी बात को ध्यानपूर्वक सुनना तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता तक पहुंचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला महसूस न होने दें।

विभाग के शिक्षक डॉ. प्रज्ञेश कुमार मिश्र, आर्ष ओजस पराशर पाण्डेय एवं डॉ. अभय प्रताप सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव एवं विषाद की पहचान तथा समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता प्राप्त करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

विभागीय शोधार्थी हर्षित मणि त्रिपाठी, आयुष जैन, इलियास बादशाह एवं नीरज सहित स्नातक एवं परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना विकसित करना तथा आत्महत्या की रोकथाम के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देना रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला