विधानसभा में तीखे सवालों की बौछार: बीजेपी विधायक ने ही घेरा सरकार को, गोवंश से लेकर सहारा और फायर सेफ्टी तक के मुद्दे गूंजे
भोपाल, 25 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आंठवे दिन बुधवार काे प्रश्नोत्तर काल और ध्यानाकर्षण के दौरान सत्ता और विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के विधायकों ने भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। वन अतिक्रमण, अनूपपुर हवाई अड्डा, सहारा इंडिया प्रकरण, पत्रकार सुरक्षा कानून, आयोगों का गठन, निराश्रित गोवंश, फायर सेफ्टी कानून और सदन में तीखी नसीहत—एक के बाद एक मुद्दों ने सदन का तापमान बढ़ाए रखा।
भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने कैम्पा योजना के तहत वनों के सुधार कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि लटेरी और सिरोंज में वन भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। पिछले सत्र में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमणकारियों और वनरक्षक का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसकी जानकारी अधिकारियों को देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब में कहा कि वायरल ऑडियो की जांच कर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि सामान्य वन मंडल विदिशा में कैम्पा योजना के तहत पौधारोपण नियमानुसार हो रहा है और किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है।
अनूपपुर एयरपोर्ट: जमीन चिन्हित, लेकिन समयसीमा नहीं
भाजपा विधायक बिसाहू लाल सिंह ने 16 अगस्त 2024 को अनूपपुर में हवाई अड्डे की घोषणा पर प्रगति रिपोर्ट मांगी। मुख्यमंत्री की ओर से जवाब देते हुए मंत्री प्रतिमा बागरी ने बताया कि जमीन का चिन्हांकन हो चुका है और फिलहाल फिजिबिलिटी सर्वे जारी है। सर्वे रिपोर्ट के बाद जनसंख्या और अन्य मानकों के आधार पर निर्णय होगा। हालांकि, परियोजना की कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।
सहारा इंडिया मामला: 123 एफआईआर, 6689 करोड़ फंसे
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सहारा इंडिया परिवार के खिलाफ दर्ज मामलों और निवेशकों की रकम पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में 123 एफआईआर दर्ज हुई हैं। मुख्यमंत्री की ओर से जवाब देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि सभी मामलों को FIR क्रमांक 859/2020 (कोतवाली मुरैना) से जोड़ा गया है और जांच जारी है। उन्होंने बताया कि निवेशकों के कुल 6689 करोड़ रुपए फंसे हैं, जिनमें से 355 करोड़ रुपए होटल संपत्तियों के माध्यम से लौटाए जा चुके हैं। शेष कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार की जाएगी।
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सहारा समूह की संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है और सरकार कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई कर रही है।
पत्रकार सुरक्षा कानून: अध्ययन जारी
कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की समयसीमा पूछी। जवाब में मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि अन्य राज्यों के कानूनों का अध्ययन किया जा रहा है और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जा रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
महिला और ओबीसी आयोग गठन पर सवाल
कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से महिला आयोग और ओबीसी आयोग का गठन नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट समयसीमा बताने की मांग की।
गोवंश पर व्यापक बहस: खेतों से सड़कों तक संकट
अजय सिंह ने निराश्रित गोवंश से फसलें नष्ट होने और यातायात बाधित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसान रात में टॉर्च लेकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने बताया कि 25 जिलों में गौशालाओं के लिए जमीन चिन्हित की गई है। कई जिलों में टेंडर जारी हो चुके हैं और एक स्थान पर कम से कम 5,000 गोवंश रखने की व्यवस्था होगी। लगभग 10 लाख निराश्रित गोवंश में से 4 लाख को नई व्यवस्था में समायोजित किया जा सकेगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने दावा किया कि सरकार ने नीति बना ली है और दो वर्षों में स्थिति में सुधार होगा। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि किसान खेतों में करंट लगाने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे गोवंश और बच्चों की जान जोखिम में पड़ती है। उन्होंने जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार इस विषय पर चर्चा से बच रही है।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि समस्या की जड़ तक जाकर सामूहिक समाधान निकालना होगा।
फायर सेफ्टी कानून की मांग
भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने आगजनी की बढ़ती घटनाओं को लेकर फायर सेफ्टी कानून और नियमित ऑडिट व्यवस्था लागू करने की मांग की। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि केंद्र के मॉडल फायर एक्ट के आधार पर प्रदेश में कानून बनाने की प्रक्रिया जारी है और अगले तीन महीनों में निर्णय की स्थिति बन सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि फायर ब्रिगेड 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे।
सदन में नसीहत: “आपकी टिप्पणियां हल्की होती हैं”
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां अक्सर हल्की होती हैं और सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। इस दौरान मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी कटाक्ष किया। हेमंत कटारे ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। यह विवाद तब उभरा जब अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री ने तुरंत जवाब दिया और इस पर कटारे ने आपत्ति जताई।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

