home page

78 वर्ष बाद बदलेगा अशोकनगर के ऐतिहासिक गांधी पार्क चौराहे का स्वरूप

 | 
78 वर्ष बाद बदलेगा अशोकनगर के ऐतिहासिक गांधी पार्क चौराहे का स्वरूप




अशोकनगर, 10 जुलाई (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के अशोकनगर शहर के प्रमुख और ऐतिहासिक गांधी पार्क चौराहे का एक बार फिर कायाकल्प किया जा रहा है। वर्ष 1948 में स्थापित इस स्मारक का करीब 78 वर्ष बाद चौथी बार पुनर्विकास किया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए उसे सफेद कपड़े से ढक दिया गया है, जिससे लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या के बाद तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मिठ्ठूलाल अग्रवाल के कार्यकाल में और तत्कालीन युवा कांग्रेस नेता मुल्तानमल सुराना के प्रयासों से यहां संगमरमर की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। यह प्रतिमा अपनी शिल्पकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण शहर की पहचान मानी जाती है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद उन्नीथन ने बताया कि गांधी पार्क के पुनर्विकास पर लगभग 44 से 57 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के तहत गांधीजी की प्रतिमा के लिए दो फीट ऊंचा चबूतरा तैयार किया जाएगा, जिसके ऊपर लाल बलुआ पत्थर की आकर्षक छतरी बनाई जाएगी।

परिसर को आधुनिक स्वरूप देने के लिए फव्वारे, जलधाराएं, सैंडस्टोन की जाली, प्राकृतिक पत्थरों का फर्श तथा स्टेनलेस स्टील का प्रवेश द्वार भी बनाया जाएगा। करीब 16 मीटर क्षेत्रफल वाले इस पार्क में गांधीजी की प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 7.5 से 8 फीट तथा चारदीवारी की ऊंचाई लगभग चार फीट प्रस्तावित है।

नगर पालिका के अनुसार, इस पुनर्विकास का उद्देश्य महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांति के संदेश को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करना है। वर्ष 1948 में बने इस स्मारक में समय-समय पर परिवर्तन किए जाते रहे हैं। इससे पहले भी विभिन्न कार्यकालों में नगर पालिका द्वारा इसका स्वरूप बदला जा चुका है। वर्तमान में किया जा रहा पुनर्विकास इस ऐतिहासिक स्थल का चौथा प्रमुख कायाकल्प माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार