अशोकनगर: खाद की कालाबाजारी बताओ, 1 हजार इनाम पाओ
अशोकनगर,11 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में अशोकनगर में कृषि व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों को असली व गुणवत्तापूर्ण खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में सूचना दाता प्रोत्साहन योजना लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत उर्वरक (खाद) के अवैध विक्रय, भंडारण, कालाबाजारी और नकली या मिलावटी खाद बनाने वालों की सही जानकारी देने वाले किसी भी सजग नागरिक को सरकार द्वारा 1,000 की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
पहचान की चिंता न करें!
शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। बिना उसकी अनुमति के किसी भी स्तर पर नाम उजागर नहीं किया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य उप संचालक कृषि अमित भदौरिया ने बताया कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस योजना के तीन मुख्य लक्ष्य हैं कि खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना।
इन 6 अवैध गतिविधियों की शिकायत पर मिलेगा इनाम:
बिना लाइसेंस अथवा बिना वैध लाइसेंस के अवैध उर्वरक का विक्रय या निर्माण करना। अवैध भंडारण निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में खाद को छुपाकर रखना। तय कीमतों से अधिक ऊंचे दामों पर खाद बेचना। नकली, अमानक या मिलावटी उर्वरकों का निर्माण एवं बिक्री। सरकारी अनुदान वाले उर्वरकों (जैसे यूरिया) का फैक्ट्रियों या फैक्ट्रियों/औद्योगिक संस्थानों में अवैध उपयोग। बिना परमिशन या अनाधिकृत रूप से उर्वरकों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना।
शिकायत कैसे दर्ज करें?
स्टेप 1: हेल्पलाइन पर कॉल करेंकोई भी नागरिक सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल करके इसकी गोपनीय सूचना दे सकता है।
स्टेप 2: आवश्यक जानकारी देंसूचना देते समय अवैध गतिविधि का स्थान, समय और संबंधित व्यक्ति या संस्था का नाम बताना होगा। यदि संभव हो, तो साक्ष्य के रूप में फोटो, वीडियो या दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
स्टेप 3: त्वरित एक्शनहेल्पलाइन पर प्राप्त जानकारी सीधे संबंधित जिले के कलेक्टर के पास जाएगी। कलेक्टर तत्काल जांच दल (जिसमें उर्वरक निरीक्षक शामिल होंगे) गठित कर त्वरित कार्रवाई करेंगे।
स्टेप 4: इनाम आपके खाते मेंयदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और अवैध सामग्री की जब्ती या दोष सिद्धि होती है, तो 1000 की प्रोत्साहन राशि सीधे सूचनादाता के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

