अशोकनगर: भू-माफियाओं का दुस्साहस गायब हो गए नदी और नाले, अब नक्शे में ढूंढ रहा प्रशासन
अशोकनगर, 04 अगस्त(हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में जल स्रोतों और शासकीय जमीनों पर भू-माफियाओं का अतिक्रमण इस कदर हावी हो चुका है कि शहर के प्राकृतिक नाले और नदियां धीरे-धीरे गायब हो चुके हैं। जहां कभी कल-कल बहते जल स्रोत हुआ करते थे, आज वहां बड़ी-बड़ी इमारतें और बहुमंजिला भवन खड़े हो गए हैं। भू-माफियाओं ने न केवल शासकीय जमीनों को अपना निशाना बनाया, बल्कि नदी-नालों का अस्तित्व ही मिटा दिया है। स्थिति यह है कि शहर के गिने-चुने एक-दो नालों को छोड़ दें, तो बाकी सभी नालों की जमीन पर अवैध कब्जे हो चुके हैं।
शिकायतों के बाद जागा प्रशासन, शुरू हुई नालों की तलाश:लगातार मिल रही शिकायतों और जन-आक्रोश के बाद अब स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है। गायब हो चुकी नदियों और नालों का रिकॉर्ड खंगालकर उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष खोज अभियान शुरू किया गया है। शुरुआती सर्वे में प्रशासन ने कई ऐसे स्थान चिह्नित किए हैं, जहां कभी प्राकृतिक नाले बहा करते थे, लेकिन अब वहाँ लोगों ने अवैध निर्माण और पक्के भवन बना लिए हैं।
सर्वे नंबर 153 पर चला प्रशासन का चाबुक जारी हुए कारण बताओ नोटिस:मंगलवार को प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अशोकनगर शहर के सर्वे नंबर 153 में स्थित नाले की जमीन पर बने अवैध भवनों को लेकर तहसीलदार द्वारा कड़ा रुख अपनाया गया है। अवैध कब्जाधारियों—विनोद जैन, सीमा अहिरवार, दिनेश, निरंजन आदि—को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। एसडीएम इसरार खान ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि शासकीय व जल स्रोतों की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूरे शहर में चलेगा चिह्नित करने का अभियानप्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है। शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसे स्थानों और सर्वे नंबरों को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है जहां नदी, नालों और तालाबों की जमीन पर अतिक्रमण कर इमारतें खड़ी कर ली गई हैं। आने वाले दिनों में भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर बेदखली व ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

