अशोकनगर: स्वागत द्वार निर्माण योजना पर प्रशासनिक रोक, मामला बना चर्चा का विषय
अशोकनगर, 24 अप्रैल (हि.स.)। मध्यप्रदेश के अशोकनगर शहर में प्रस्तावित चार स्वागत द्वारों के निर्माण को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर शहर के चार प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जाने की योजना थी, लेकिन नगरीय प्रशासन विभाग ने इस प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लगा दी है।
जानकारी के अनुसार, शहर के गुना, विदिशा, चंदेरी और ईसागढ़ रोड पर चार दिशाओं से प्रवेश करने वाले मार्गों पर आकर्षक स्वागत द्वार बनाए जाने की योजना तैयार की गई थी। इन द्वारों को राजस्थानी लाल पत्थरों से निर्मित करने का प्रस्ताव था, ताकि शहर को विशेष पहचान मिल सके।
नगर पालिका द्वारा इस योजना के लिए 63.44 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर फरवरी 2026 में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को स्वीकृति के लिए भेजी गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए फिलहाल इसे मंजूरी नहीं दी है। विभागीय स्तर पर कहा गया है कि नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता बुनियादी सुविधाओं-सड़क, नाली, पेयजल और जनसेवाओं-को दी जानी चाहिए।
अधिकारियों का मानना है कि ऐसे निर्माण कार्यों पर खर्च की जाने वाली राशि का उपयोग जनहित के जरूरी विकास कार्यों में किया जाना अधिक उचित होगा। वहीं, शहर में इस योजना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे शहर के सौंदर्यीकरण और पहचान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे वित्तीय प्राथमिकताओं से जोड़ रहे हैं।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्तावित स्वागत द्वारों की योजना को आगे स्वीकृति मिलती है या यह मामला फिलहाल लंबित रहता है।
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

