भोपाल से चार दिन पहले लापता मासूम अंश मथुरा में सुरक्षित मिला, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से अकेला पहुंचा था
भोपाल, 19 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के कोहेफिजा क्षेत्र से चार दिन पहले लापता हुआ छह वर्षीय अंश आखिरकार उत्तर प्रदेश के मथुरा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित मिल गया। भोपाल पुलिस की लगातार चार दिन तक चली तलाश, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और तकनीकी जांच के बाद बच्चे का पता लगाया जा सका। पुलिस टीम अंश को मथुरा से लेकर भोपाल रवाना हो गई है।
भाेपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शुक्रवार काे बच्चे के सुरक्षित मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि अंश 17 जून की रात करीब 12:48 बजे संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बैठ गया था। मथुरा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया गया। गुरुवार देर शाम सीडब्ल्यूसी ने भोपाल पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद कोहेफिजा थाना पुलिस की टीम तत्काल मथुरा रवाना की गई।
अस्पताल के पास से हुआ था लापता
अंश मैना कोहेफिजा क्षेत्र के बाजपेयी नगर का निवासी है। उसकी मां लालघाटी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। मंगलवार को अस्पताल परिसर के आसपास खेलते समय वह अचानक लापता हो गया था। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर व्यापक स्तर पर तलाश शुरू की थी।
सीसीटीवी फुटेज से खुलती गई कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने शहरभर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में अंश को रॉयल मार्केट, सब्जी मंडी और मस्जिद क्षेत्र तक पैदल जाते हुए देखा गया। रास्ते में वह एक स्थान पर पानी पीने के बाद आगे बढ़ता नजर आया। एक फुटेज में अंश एक व्यक्ति के साथ दिखाई दिया था, जिसके चलते पुलिस ने तत्काल उस व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में वह व्यक्ति भिक्षावृत्ति करने वाला निकला और उसके खिलाफ कोई संदिग्ध तथ्य नहीं मिला।
ट्रेन की खिड़की में बैठा दिखा अंश
जांच का सबसे अहम सुराग तब मिला जब रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में अंश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के डिब्बे की खिड़की पर बैठा दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने रेलवे रूट पर फोकस करते हुए विभिन्न स्टेशनों और सुरक्षा एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया। इसी कड़ी में बच्चे की लोकेशन मथुरा तक ट्रेस हुई।
छह टीमें तलाश में जुटी थीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने छह विशेष टीमें गठित की थीं। डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण कर जांच की निगरानी की। लगातार चार दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली और बच्चा सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
अब पता लगाएगी पुलिस, मथुरा कैसे पहुंचा
पुलिस अब अंश से बातचीत कर यह जानने का प्रयास करेगी कि वह भोपाल से रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचा और अकेले ट्रेन में बैठकर मथुरा तक का सफर कैसे तय किया। बच्चे के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है। भोपाल पुलिस ने इस सफलता का श्रेय सीसीटीवी निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

