जबलपुर में निजी एंबुलेंसों का पंजीयन और नियमित ऑडिट अनिवार्य
जबलपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में संचालित निजी एंबुलेंसों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की कमी और लापरवाही से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने सोमवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत सभी निजी एंबुलेंस संचालकों को अपनी एंबुलेंस का 108 एंबुलेंस सेवा के निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षण कराकर पंजीयन और नियमित ऑडिट कराना अनिवार्य होगा।
सीएमएचओ ने निर्देश दिए हैं कि जबलपुर जिले में संचालित सभी निजी एंबुलेंस के मालिक और संचालक आगामी एक सप्ताह के भीतर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी एंबुलेंस की सुविधाओं का परीक्षण कराएं। एंबुलेंस की उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के आधार पर उसे एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट अथवा बेसिक लाइफ सपोर्ट श्रेणी में निर्धारित मानकों के अनुसार पंजीकृत कराना होगा।
डॉ. कोठारी के अनुसार, निजी एंबुलेंसों में कई बार आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की कमी सामने आती है। कुछ एंबुलेंसों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होती, तो कहीं ऑक्सीजन सिलेंडर जरूरत के समय उपयोग के लिए तैयार नहीं रहते। इसके अलावा वेंटिलेटर के क्रियाशील नहीं होने और उसे संचालित करने वाले डॉक्टरों एवं तकनीशियनों के योग्य अथवा प्रशिक्षित नहीं होने जैसी शिकायतें भी मिलती हैं।
आदेश के मुताबिक, जिस तरह 108 एंबुलेंस सेवा की गाड़ियों का निर्धारित श्रेणी और मानकों के आधार पर नियमित, मासिक ऑडिट किया जाता है, उसी तरह निजी एंबुलेंसों का भी नियमित ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य एंबुलेंस में उपलब्ध जीवनरक्षक उपकरणों और चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति सुनिश्चित करना है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर आवश्यक सहायता मिल सके।
सीएमएचओ ने सभी निजी एंबुलेंस मालिकों और संचालकों को निर्धारित समय-सीमा में परीक्षण, पंजीयन और ऑडिट की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

