home page

आलोट विधायक पर महिलाओं को प्रताड़ित करने के आरोप, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष ने राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग

 | 
आलोट विधायक पर महिलाओं को प्रताड़ित करने के आरोप, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष ने राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग


भोपाल, 30 अप्रैल (हि.स.) । मध्य प्रदेश में महिलाओं के कथित शोषण और प्रताड़ना के मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने भाजपा के आलोट विधायक और पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।

रीना बोरासी का कहना है कि विधायक के प्रभाव के कारण पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिल पा रहा और प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए है। उनके अनुसार कई महिलाएं लंबे समय से न्याय के लिए भटक रही हैं। बोरासी के मुताबिक, विक्रम विश्वविद्यालय की एक पूर्व प्रोफेसर ने विधायक पर चरित्र हनन और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। बताया गया कि प्रताड़ना से परेशान होकर उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। पीड़िता पिछले करीब 10 वर्षों से न्याय की मांग कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

संपत्ति कब्जाने और दबाव बनाने के आरोप भी

मामले में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की शिकायत का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि विधायक ने 25–30 लोगों के साथ मिलकर महिला की दुकान का शटर तोड़ा और जमीन पर कब्जा कर लिया। पीड़ित महिला पिछले पांच साल से शिकायत कर रही है, लेकिन कथित दबाव के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका। रीना बोरासी ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े ऐसे मामलों में अक्सर सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों का नाम सामने आता है।

महिला आरक्षण लागू करने की भी उठी मांग

राज्यपाल से मुलाकात के दौरान महिला कांग्रेस ने प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में 33% महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग भी रखी। बोरासी का कहना है कि यह व्यवस्था 2028 के विधानसभा चुनाव से लागू होनी चाहिए, ताकि महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। राज्यपाल ने इन शिकायतों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि इन आरोपों के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।

पहले भी विवादों में रहे विधायक

गौरतलब है कि चिंतामणि मालवीय पहले भी अपनी ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ मुखर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सिंहस्थ लैंड पुलिंग योजना को लेकर विधानसभा में सरकार से तीखे सवाल किए थे। इसके अलावा उन्होंने रतलाम कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ भी विरोध जताया था। अब इन नए आरोपों के बाद राजनीतिक घमासान और तेज होने के आसार हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत