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चंदेरी में जमानत के बाद रिहाई में देरी का आरोप, अधिवक्ता ने जांच की मांग उठाई

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चंदेरी में जमानत के बाद रिहाई में देरी का आरोप, अधिवक्ता ने जांच की मांग उठाई


चंदेरी में जमानत के बाद रिहाई में देरी का आरोप, अधिवक्ता ने जांच की मांग उठाई


चंदेरी में जमानत के बाद रिहाई में देरी का आरोप, अधिवक्ता ने जांच की मांग उठाई


अशोकनगर/चंदेरी, 03 अगस्त (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी स्थित एसडीएम न्यायालय से जमानत मंजूर होने के बावजूद एक व्यक्ति की समय पर रिहाई नहीं होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक अधिवक्ता ने ई-मेल के माध्यम से जिला कलेक्टर, ग्वालियर संभाग के आयुक्त तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार ग्राम गोरा कला निवासी राजपाल सिंह लोधी को 31 जुलाई 2026 को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। इसके बाद एक अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम न्यायालय, चंदेरी ने उनकी जमानत मंजूर कर दी। आरोप है कि जमानत स्वीकृत होने के बावजूद रिहाई आदेश समय पर तैयार कर जेल नहीं भेजा गया। इसके कारण उनकी रिहाई दो अगस्त को शाम लगभग सात बजे हो सकी और उन्हें 24 घंटे से अधिक समय अतिरिक्त जेल में रहना पड़ा।

अधिवक्ता का कहना है कि यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह न्यायालयीन कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही का मामला होगा। शिकायत में न्यायालय के आदेश, डिस्पैच रजिस्टर, रिहाई आदेश तथा जेल अभिलेखों की जांच कर दोषी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

शिकायत में यह भी आग्रह किया गया है कि भविष्य में जमानत आदेशों के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो, ताकि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित न हो, हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस संबंध में चंदेरी के एसडीएम मनीष धनगर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Nirmal Kumar Vishwkarma