चंद्र ग्रहण पर मंगलनाथ मंदिर में पूजन प्रतिबंधित, होली पर केमिकल रंगों पर रोक
उज्जैन , 28 फ़रवरी (हि.स.)। उज्जैन स्थित प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में तीन मार्च को होने वाले चंद्र ग्रहण के चलते विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक के.के. पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रहण के वेद लगने (स्पर्श) से लेकर ग्रहण समाप्ति तक मंदिर में भात पूजन सहित सभी प्रकार की पूजा-अर्चना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
प्रशासक के अनुसार तीन मार्च की प्रातः 6:47 बजे से संध्या 6:47 बजे तक मंदिर में किसी भी प्रकार का धार्मिक अनुष्ठान संपन्न नहीं होगा। इस अवधि में मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश भी पूरी तरह वर्जित रहेगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित समयावधि का पालन करें और मंदिर प्रशासन का सहयोग करें।
होली पर भी सख्त दिशा-निर्देश
इसी दिन होली (धुलेंडी एवं रंग पंचमी) के अवसर पर भी विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुपालन में मंदिर के गर्भगृह तथा संपूर्ण परिसर में केमिकल युक्त गुलाल और रंगों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थल की पवित्रता और संरचना की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। केमिकल युक्त रंगों से मंदिर की दीवारों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, इसलिए केवल परंपरागत और प्राकृतिक तरीके से ही उत्सव मनाने की अनुमति होगी।
मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमों का पालन करते हुए धार्मिक परंपराओं का सम्मान करें। साथ ही, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। ज्ञात हो कि मंगलनाथ मंदिर उज्जैन का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां देशभर से श्रद्धालु मंगल दोष निवारण और विशेष पूजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ग्रहण और होली जैसे विशेष अवसरों पर भीड़ को नियंत्रित करने और परंपराओं के अनुरूप व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

