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जबलपुर : भुगतान के लिए सड़कों पर उतरे किसान, ट्रैक्टरों से घेरा शहर, कलेक्ट्रेट जाने से पुलिस ने रोका

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जबलपुर : भुगतान के लिए सड़कों पर उतरे किसान, ट्रैक्टरों से घेरा शहर, कलेक्ट्रेट जाने से पुलिस ने रोका


जबलपुर, 07 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में फसल बेचने के बाद भी भुगतान के लिए महीनों और वर्षों से इंतजार कर रहे मझौली तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसानों का बुधवार को आक्रोश सड़क पर उतर आया। करीब 200 से 250 किसान ट्रैक्टरों के बड़े काफिले के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने शहर पहुंचे। किसान नेता सतवंत सिंह ठाकुर के नेतृत्व में आए किसानों को पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दीनदयाल चौक पर ही रोक दिया।

किसानों के काफिले के शहर में प्रवेश करते ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर सड़क पर खड़े होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने को लेकर किसानों में जबरदस्त नाराजगी दिखाई दी।

जिला प्रशासन ने किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए पूरे काफिले को कलेक्ट्रेट तक जाने की अनुमति नहीं दी। प्रशासन की ओर से केवल पांच ट्रैक्टरों को आगे जाने की इजाजत दी गई, जबकि बाकी किसानों को दीनदयाल चौक पर ही रोक दिया गया। इसके बाद सीमित संख्या में किसान प्रतिनिधियों को अधिकारियों से मुलाकात और ज्ञापन सौंपने के लिए आगे भेजा गया।

किसानों का कहना था कि वे किसी तरह का विवाद खड़ा करने नहीं, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई का भुगतान मांगने कलेक्टर तक अपनी बात पहुंचाने आए हैं। रास्ते में रोके जाने पर उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया।

प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी मूंग की सरकारी खरीद की राशि करीब चार वर्षों से अटकी हुई है। वहीं धान और गेहूं की उपज का भुगतान भी कई महीनों से लंबित है। किसानों का कहना है कि फसल मंडी और सरकारी खरीद केंद्रों पर सौंपने के बाद भी समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

किसानों के मुताबिक भुगतान अटकने का सीधा असर उनके घर-परिवार पर पड़ रहा है। अगली फसल के लिए खाद-बीज खरीदना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस, परिवार में शादी-विवाह के खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें उधार का सहारा लेना पड़ रहा है। दूसरी ओर सहकारी बैंकों और अन्य संस्थानों से लिए कर्ज का ब्याज भी बढ़ता जा रहा है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित भुगतान की पूरी जानकारी सार्वजनिक कर तत्काल राशि जारी की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक