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राजगढ़ः छह माह बाद फिर एक हुए पति-पत्नी, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग से बिखरता परिवार बचा

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राजगढ़ः छह माह बाद फिर एक हुए पति-पत्नी, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग से बिखरता परिवार बचा


राजगढ़,4 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित वन स्टॉप सेंटर राजगढ़ ने मंगलवार को एक बार फिर संवेदनशील काउंसलिंग के जरिए टूटने की कगार पर पहुंचे परिवार को नई जिंदगी दी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी अंशु बाला मसीह के मार्गदर्शन और सेंटर प्रशासक रश्मि चौहान के प्रयासों से छह माह से अलग रह रहे पति-पत्नी का पुनर्मिलन कराया गया। दोनों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का संकल्प लिया।

जानकारी के अनुसार, सुनीताबाई (परिवर्तित नाम) वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं और बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनके पुत्र जितेंद्र (परिवर्तित नाम) का विवाह सपना (परिवर्तित नाम) से सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। विवाह के बाद बहू केवल एक बार ससुराल आई और पिछले छह माह से मायके में रह रही थी। परिवार ने कई बार उसे वापस लाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने वन स्टॉप सेंटर से मदद मांगी। प्रकरण में सुलह की संभावना देखते हुए केस वर्कर गुंजा सक्सेना ने दोनों पक्षों को बुलाकर विस्तृत काउंसलिंग की। इस दौरान पति-पत्नी को वैवाहिक जीवन में विश्वास, संवाद, सम्मान और आपसी समझ की अहमियत बताई गई। साथ ही समझाया गया कि छोटी-छोटी बातों को बातचीत से सुलझाया जा सकता है और विवाह दो व्यक्तियों के साथ-साथ दो परिवारों का भी पवित्र रिश्ता होता है।

काउंसलिंग के बाद दोनों ने खुलकर बातचीत की और साथ रहने, परिवार के बड़ों का सम्मान करने तथा भविष्य में विवादों को आपसी समझ से सुलझाने का वचन दिया। दोनों परिवारों की सहमति और आशीर्वाद के साथ दंपति ने गृहस्थ जीवन की नई शुरुआत का निर्णय लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक