राजगढ़ः सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर तहसीलदारों समेत अधिकारियों पर जुर्माना
राजगढ़, 21 अक्टूबर (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में बुधवार को जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों,जनविश्वास कार्यक्रम की तैयारियों, पेयजल व्यवस्था और विभिन्न शासकीय योजनाओं की समीक्षा की गई। सितंबर माह की शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर बॉटम-5 अधिकारियों की समीक्षा के दौरान सुठालिया, खिलचीपुर और ब्यावरा के तहसीलदारों सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक यंत्री पर जुर्माना लगाया गया।
सी-ग्रेड विभागों को कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में धार्मिक न्यास, वन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा खनिज विभाग सी-ग्रेड में रहे। संबंधित अधिकारियों को लंबित शिकायतों का जल्द निराकरण कर विभाग की रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए गए। वहीं, पशुपालन एवं डेयरी तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ए-ग्रेड में रहे। राजस्व, पीएचई और नगरीय निकायों से जुड़ी शिकायतों का भी प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा गया। पेयजल संकट वाले गांवों की बनेगी कार्ययोजना आगामी समय में जिन गांवों में पेयजल संकट की आशंका है, वहां पहले से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश पीएचई विभाग को दिए गए। नदी-नालों के क्लोजर, चेकडैम और जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी सीईओ जनपद पंचायतों से अपने क्षेत्रों में हुए कार्यों की रिपोर्ट मांगी गई। पात्र हितग्राहियों और बच्चों के सत्यापन पर जोर अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों में पात्र आवेदकों को तत्काल ज्वाइनिंग देने और आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करने को कहा गया।
कलेक्टर ने एसडीएम को परवरिश योजना की नियमित निगरानी करने तथा स्वामित्व योजना में समय पर रजिस्ट्री नहीं करने वाले अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा कर कार्रवाई के निर्देश दिए। भावांतर योजना के पंजीयन के साथ ई-टोकन और पीओएस की मैनुअल व्यवस्था का सत्यापन कराने के लिए कृषि विभाग से रिपोर्ट मांगी गई। सार्थक पोर्टल पर कर्मचारियों की उपस्थिति और न्यायालयीन अवमानना प्रकरणों में जवाब प्रस्तुत करने की स्थिति की भी समीक्षा हुई। धात्री माताओं को वितरित की जा रही खिचड़ी की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। स्व- सहायता समूहों को पौष्टिक भोजन तैयार करने तथा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए। संजीवनी अभियान के तहत कुपोषित बच्चों का भौतिक सत्यापन कर पात्र बच्चों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

