home page

सागर: डी-मार्ट के पास पलटा ऑटो; डायल-112 की मुस्तैदी से केवी के छात्रों सहित 4 घायलों को मिला जीवनदान

 | 
सागर: डी-मार्ट के पास पलटा ऑटो; डायल-112 की मुस्तैदी से केवी के छात्रों सहित 4 घायलों को मिला जीवनदान


सागर, 13 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर में मोतीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डी-मार्ट के पास शुक्रवार को एक अनियंत्रित ऑटो पलटने से उसमें सवार केंद्रीय विद्यालय के दो छात्र और राह चलती एक महिला अपने मासूम बच्चे के साथ घायल हो गई। हालांकि, डायल-112 की तत्परता और पुलिसकर्मियों की मानवीय संवेदनशीलता के कारण सभी घायलों को समय पर उपचार मिल सका।

मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-4 के दो छात्रों को विश्वविद्यालय क्षेत्र से पीतल फैक्ट्री स्थित उनके घर छोड़ने के लिए ऑटो (क्रमांक MP-15-ZL-5553) जा रहा था। जैसे ही ऑटो डी-मार्ट के पास पहुँचा, अचानक एक मोटरसाइकिल सामने आ गई। बाइक को बचाने के चक्कर में ऑटो चालक ने संतुलन खो दिया और वाहन बीच सड़क पर ही पलट गया।

इस हादसे में ऑटो में सवार दोनों स्कूली बच्चे चोटिल हो गए। वहीं, सामने से पैदल निकल रही एक महिला, जिसकी गोद में छोटा बच्चा था, भी इस चपेट में आकर घायल हो गई। दुर्घटना होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।

घटना के तुरंत बाद राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल को सूचना दी गई, जहाँ से तत्काल सागर पुलिस को अलर्ट किया गया। मोतीनगर क्षेत्र की एफआरवी (FRV) ने बिना एक पल गँवाए मौके पर मोर्चा संभाला।

एफआरवी में तैनात सहायक उप निरीक्षक नर्वद सिंह ठाकुर और पायलट साजिद खान ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्बुलेंस का इंतज़ार करने के बजाय, उन्हें अपनी ही पुलिस गाड़ी में बैठाया और सीधे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) ले गए। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सका और उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है।

सड़क पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की इस कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना है कि अक्सर हादसों के बाद पुलिस कागजी कार्रवाई में उलझती है, लेकिन यहाँ एएसआई ठाकुर और पायलट साजिद खान ने मानवता को सर्वोपरि रखते हुए घायलों की जान बचाई।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे