हाइवे पर बाघिन को घेरकर खड़े हुए लोग, आक्रोशित होकर राहगीरों की ओर दौड़ी; बाल-बाल बचे लोग
उमरिया, 29 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से गुजरने वाले एनएच-78 पर शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घुनघुटी वन परिक्षेत्र में ऋतुवन ढाबे के पास जंगल से निकलकर एक बाघिन सड़क पार करती दिखाई दी। बाघिन को देखने के लिए राहगीरों ने अपने वाहन रोक दिए। कुछ ही देर में सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कई लोग मोबाइल से उसका वीडियो बनाने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर तक बाघिन सड़क पार करने के लिए आगे बढ़ती रही। इस दौरान लगातार बढ़ती भीड़ और उसकी ओर किए जा रहे मोबाइल कैमरों के कारण बाघिन का व्यवहार अचानक आक्रामक हो गया। उसने मुंह खोला और लोगों की दिशा में दौड़ लगा दी। बाघिन को अपनी ओर आता देखकर राहगीरों में हड़कंप मच गया और लोग पीछे हटने लगे। हालांकि, बाघिन ने किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया और कुछ देर बाद जंगल की ओर लौट गई।
घटना का वीडियो अब सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हो रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो शुक्रवार शाम का है। बाघिन को देखने के लिए बड़ी संख्या में वाहन हाईवे पर रुक गए थे, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। घुनघुटी रेंजर धरमू सिंह ने बताया कि एनएच-78 के समीप बाघिन दिखाई देने की सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार बाघिन के साथ उसके शावक भी हैं। वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है और बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से वन अमले की तैनाती भी की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार घुनघुटी क्षेत्र के आसपास पिछले कुछ समय से बाघिन सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। घुनघुटी से शहडोल के बीच जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इसके अलावा शहडोल-मजगमा से घुनघुटी, घुनघुटी से जमुड़ी, पतनार खुर्द और आसपास के जंगलों में भी वन्यजीवों की मौजूदगी सामने आती रही है। घुनघुटी से गांधीग्राम के बीच भी बाघिन की आवाजाही की जानकारी स्थानीय लोगों ने दी है।
रेंजर धरमू सिंह ने बताया कि बाघिन यदि अपने शावकों के साथ होती है और उसे किसी प्रकार का खतरा महसूस होता है तो वह अधिक आक्रामक हो सकती है। ऐसे में लोगों का उसके नजदीक जाकर फोटो या वीडियो बनाना जोखिम भरा है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाईवे अथवा जंगल क्षेत्र में बाघिन दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वाहन को बाघिन के बेहद करीब नहीं रोकें तथा किसी भी प्रकार की गतिविधि से उसे उकसाने से बचें। वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
टाइगर कॉरिडोर में नौ कोल ब्लॉक, वन्यजीवों के अस्तित्व पर सवाल
घुनघुटी वन परिक्षेत्र में नौ कोल ब्लॉक आवंटित किए गए हैं। इसी क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही अधिक होने के साथ टाइगर कॉरिडोर भी मौजूद है। इसके बावजूद वन विभाग द्वारा कोल ब्लॉक के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में क्षेत्र में वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और उनके सुरक्षित आवागमन पर खतरे की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह चिंता भी बढ़ रही है कि वन क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने से आने वाले समय में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी वृद्धि हो सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

