अनूपपुर: छात्र शक्ति की बड़ी जीत: शोधार्थी छात्रों के निष्कासन पर समिति गठित
अनूपपुर, 24 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में पिछले कुछ समय से व्याप्त प्रशासनिक विसंगतियों और छात्र समस्याओं का मंगलवार को सुखद अंत हुआ।
विश्वविद्यालय के सजग विद्यार्थियों और शोधार्थियों द्वारा सौंपे गए 7 सूत्रीय मांग पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मात्र 3 घंटों के भीतर सभी मांगों के निराकरण का आदेश जारी कर दिया है। साथ ही बीते दिनों 11 शोधार्थियों पर हुई कार्रवाई को लेकर प्रो. सुकात कुमार बराल के नेतत्त्व में समिति गठित की गई है।
छात्रों के संघर्ष के आगे झुका प्रशासन
विगत दिनों से शोधार्थी और विद्यार्थी आवास, वाई-फाई और खेल सुविधाओं जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर मानसिक तनाव और पारिवारिक दबाव का सामना कर रहे थे। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय अपने मूल उद्देश्यों से भटक रहा है और प्रशासनिक विवादों की गाज छात्रों पर गिर रही है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए आज छात्रों ने एक निर्णायक ज्ञापन सौंपा।
इन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
छात्रों की एकजुटता का परिणाम रहा कि प्रशासन ने निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए सोन शोध छात्रावास में अब प्रति कमरा 3 शोधार्थियों को रखने और बालक छात्रावासों में छात्रों की सुविधानुसार 4 से 5 छात्र प्रति कमरा रहने की अनुमति दे दी गई है। शोधार्थियों के लिए पूर्व से निर्मित नर्मदा छात्रावास को तत्काल प्रभाव से खाली कराने का आश्वासन दिया गया।
शोधार्थियों के निष्कासन हेतु जांच समिति गठित
बीते दिनों 11 शोध छात्रों पर हुई कार्रवाई को संज्ञान में लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है। समिति गठित कर उसमें जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को भी शामिल किया गया है साथ ही, विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने वाले बाहरी हस्तक्षेपों पर भी संज्ञान लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने खेल सुविधाओ की बहाली करते हुए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अब विद्यार्थियों की एंट्री 'फ्री' होगी और पूर्व की भांति स्पोर्ट्स टीमों को बाहर खेलने भेजने की बात कहीं।
डिजिटल कनेक्टिविटी एवं सांस्कृतिक अधिकार पर सहमति
सभी विभागों और हॉस्टल में उच्च क्षमता वाली वाई-फाई सुविधा जल्द सुनिश्चित करने एवं हर वर्ष हनुमान मंदिर स्थापना दिवस पर विशेष आयोजन की अनुमति प्रशासन द्वारा प्रदान की गई है।
गुणवत्तापूर्ण शोध की ओर बढ़ते कदम
विश्वविद्यालय प्रशासन के इस त्वरित निर्णय का छात्रों ने स्वागत किया है। शोधार्थियों का कहना है कि इन मांगों के पूरे होने से अब कैंपस में अनुसंधान और अध्ययन हेतु अनुकूल वातावरण प्राप्त हो सकेगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय की गरिमा को बनाए रखना और समाज के उज्जवल भविष्य के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

