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अनूपपुर: श्रद्धा,भक्ति और लोकसंस्कृति के साथ निकली श्री कल्याण सेवा आश्रम की विशाल शोभायात्रा

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अनूपपुर: श्रद्धा,भक्ति और लोकसंस्कृति के साथ निकली श्री कल्याण सेवा आश्रम की विशाल शोभायात्रा


अनूपपुर: श्रद्धा,भक्ति और लोकसंस्कृति के साथ निकली श्री कल्याण सेवा आश्रम की विशाल शोभायात्रा


अनूपपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक में शारदीय नवरात्रि के पावन शुभारंभ पर श्री कल्याण सेवा आश्रम में जगत जननी भगवती मां दुर्गा की आराधना और सनातन परंपरा के अनुरूप विशाल शोभायात्रा श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई।

शोभायात्रा आश्रम परिसर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री नर्मदा मंदिर परिसर पहुंची। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक झांकियों और विशिष्ट लोककलाओं का प्रदर्शन किया। इस दौरान मां दुर्गा के जयकारों, भक्तिमय वातावरण और श्रद्धालुओं की सहभागिता से संपूर्ण अमरकंटक धर्ममय दिखाई दिया।

रथ पर विराजमान हुईं मां दुर्गा और आचार्य श्री चंद्रदेव जी भगवान की प्रतिमाएं

श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध न्यासी स्वामी हिमाद्री मुनि जी महाराज ने बताया कि जगत जननी भगवती मां दुर्गा की पावन शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस प्रतिवर्ष श्रद्धा और परंपरा के अनुरूप विशाल शोभायात्रा निकाली जाती है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, कन्याएं तथा साधु-संत सम्मिलित होकर मां भगवती की आराधना करते हैं। शोभायात्रा में मां दुर्गा की अष्टभुजी प्रतिमा तथा आचार्य श्री चंद्रदेव जी भगवान की प्रतिमा को विधिवत रथ पर विराजमान किया जाता है।

उन्होंने बताया कि शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए मां नर्मदा के पवित्र उद्गम स्थल तक पहुंची जहां मां भगवती की प्रतिमाओं को नर्मदा जल से स्नान कराया गया है तथा विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन संपन्न कर पवित्र नर्मदा जल से कलश भरकर वापस आश्रम पहुंचे इसी पावन परंपरा के साथ आश्रम में नवरात्रि महोत्सव के धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ होता है।

विभिन्न राज्यों की लोककलाओं ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

शोभायात्रा में विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला, आकर्षक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। विविध राज्यों की लोककलाओं की प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति की व्यापकता और उसकी विविध परंपराओं के बीच विद्यमान एकता का सुंदर परिचय दिया।

मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में आयोजित इस शोभायात्रा ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और जनसहभागिता को एक सूत्र में पिरोया। श्रद्धालुओं एवं साधु-संतों की उपस्थिति ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक बढ़ाया। शोभायात्रा में पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को सहित श्यामलाल सेन, हितेश तंबोली, दिनेश द्विवेदी और प्रकाश द्विवेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए।

शोभायात्रा के दौरान अमरकंटक नगर की सामाजिक एकजुटता, सेवाभाव और अतिथि-सत्कार की परंपरा में नागरिकों, व्यापारियों, समाजसेवियों और विभिन्न संस्थाओं ने जगह-जगह पानी, फल-फ्रूट तथा जलपान के स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं, भक्तजनों और कन्याओं को पेयजल एवं फल वितरित किए गए। जिसमे कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन विद्यालय के साथ नगर के अनेक व्यापारियों और समाजसेवियों ने योगदान रहा।

इस पावन अवसर पर परम तपस्वी बाबा कल्याण दास जी महाराज, स्वामी हिमाद्री मुनि जी महाराज, स्वामी जगदीश आनंद जी महाराज, स्वामी धर्मानंद जी महाराज, स्वामी राजा बाबा, स्वामी शांतानंद जी महाराज, ब्रम्हचारी मनीष स्वरूप स्वामी नर्मदानंद जी महाराज तथा स्वामी रामेश्वर आनंद जी महाराज,श्री कल्याण सेवा आश्रम के ट्रस्टी सदस्य डमरूधर अग्रवाल,पंडित संदीप ज्योतिषी, पंडित मुकेश पाठक, पंडित सुनिल दुबे सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला