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उज्जैन में 48.10 किमी लंबे ग्रीन फ़ील्ड फोरलेन हाईवे का होगा निर्माण

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उज्जैन में 48.10 किमी लंबे ग्रीन फ़ील्ड फोरलेन हाईवे का होगा निर्माण


उज्जैन, 20 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेलाधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह एमपीआरडीसी (मध्य प्रदेश सडक़ विकास निगम) के अधिकारियों के साथ चंद्रावतीगंज पहुंचे। इन्होने इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निण किया। संभागायुक्त ने निर्माण प्रगति की जानकारी लेकर निर्देश दिए कि साप्ताहिक लक्ष्य के साथ कार्य तेज गति से करें। निर्माण उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता का ध्यान रखें।

चर्चाओं में यह बात लगातार सामने आ रही है कि ग्रीन फील्ड कारिडोर का निर्माण समय पर नहीं हो पाएगा। इस फोरलेन का पूर्व में किसानों द्वारा अपनी तकनीकी समस्याएं बताकर विरोध किया गया था। बाद में ड्राइंग डिजाइन में संशोधन भी किया गया था। अब प्रशासनिक अधिकारियों का निर्माण एजेंसी पर दबाव है कि इसे समय से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए,क्योंकि यह मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की महत्वकांक्षी योजना तो है ही,सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए भी महत्वपूर्ण है।

संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेलाधिकारी आशीष सिंह के अनुसार आगामी सिंहस्थ-28 महापर्व को ध्यान में रखकर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए इंदौर-उज्जैन के बीच नया फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। फोरलेन सडक़ निर्माण कार्य की प्रगति देखने के लिए सोमवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के साथ चंद्रावतीगंज पहुंचे। यहां उन्होने ग्रीन फील्ड कॉरिडोर निर्माण की जानकारी लेकर एमपीआरडीसी के अधिकारियों निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की इस महत्वकांक्षी योजना को शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य रखें,जिससे वर्ष-2028 में आयोजित होने वाले विश्वस्तरीय सिंहस्थ महापर्व से पहले इस 48.10 किमी लंबे फोरलेन हाईवे का निर्माण समय पर पूरा किया जा सके।

उज्जैन-इंदौर की दूरी हो जाएगी 48 किमीअधिकारियों के अनुसार नया फोरलेन हाईवे इंदौर से उज्जैन की दूरी को घटाकर 48 किमी कर देगा, जिससे यात्रा का समय घटकर मात्र 30-35 मिनट रह जाएगा। किसानों की मांगों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे ‘एलिवेटेड’ के बजाय ‘जमीनी स्तर’ पर बनाने का निर्णय लिया है। अब यह नॉन-एक्सेस कंट्रोल सडक़ होगी, जिस पर कहीं से भी एंट्री-एग्जिट हो सकेगी। परियोजना के लिए 175 हेक्टेयर से अधिक निजी जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जिसमें इंदौर और उज्जैन के करीब 28 गांवों की जमीन शामिल है। ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के निर्माण से इंदौर-उज्जैन के बीच यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इससे उज्जैन की यात्रा आसानी से और कम समय में पूरी हो सकेगी। एयरपोर्ट आकर उज्जैन जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल