उज्जैनः 4 माह की बेटी को मांसपेशियों की दुर्लभ बीमारी के लिए 15 करोड़ रूपये का इंजेक्शन की दरकार
उज्जैन, 09 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में अलकनंदा नगर निवासी एक दम्पत्ति की साढ़े चार माह की बिटिया काशी मांसपेशियों की दुर्लभ बीमारी टाईप-1 से जूझ रही है। बिटिया का उपचार इन दिनों एम्स भोपाल में चल रहा है।
यहां केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई दुर्लभ बीमारियों की यूनिट में उपचार कर रहे चिकित्सकों की दम्पत्ति को सलाह है कि अमेरिका की नोवार्टिन कम्पनी का एक इंजेक्शन आता है झोलजेनस्मा आता है जिसकी कीमत 1.72 मिलियन डालर है। जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत 15 करोड़ रूपये है। उक्त इंजेक्शन जितनी जल्दी लगेगा,बच्ची की मांसपेशियां उतनी जल्दी शरीर को प्राकृतिक स्वरूप में लौटा लाएगी। उक्त दम्पत्ति डॉ.रोहित दुबेपुरिया एवं डॉ.प्रकृति सिसोदिया इन दिनों भोपाल में ही है। ये बिटिया का उपचार करवा रहे हैं।
डॉ.रोहित ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि वे लगातार प्रयास कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव से भेंट हो जाए ताकि उन्हे शासकीय मदद मिल सके। उन्होने बताया कि एक एनजीओ के माध्यम से वे राशि एकत्रित कर रहे हैं। हालांकि उक्त एनजीओ के माध्यम से अभी तक मित्रों, रिश्तेदारों और सामान्य मिलने-जुलनेवालों ने उन्हे मदद दी है। जो राशि दान में प्राप्त हो रही है, वह एनजीओ के खाते में जमा रही है। हालांकि अभी तक करीब 10 लाख रू. की राशि ही जमा हुई है जबकि लक्ष्य 15 करोड़ रूपए का है। केंद्र सरकार से उक्त बीमारी के लिए अधिकतम राशि 50 लाख रू. है। ऐसे में उपचार बीमारी से राहत दिलानेवाला चल रहा है,पूर्णत: बीमारी को समाप्त करनेवाला नहीं। वह तो इंजेक्शन लगने पर ही होगा। उन्होने बताया कि केंद्र सरकार के पास भी ऐसा कोई फण्ड नहीं है कि वह 15 करोड़ रू. का एक इंजेक्शन लगवा दे। लोगों से प्राप्त सहायता से ही राशि एकत्रित करके यह सबकुछ हो पाएगा।
यह है बीमारी और लक्षण
डॉ.रोहित के अनुसार उनकी बिटिया अभी साढ़े 4 माह की है। जब वह चार माह की हुई तो हमने देखा कि उसे श्वास लेने में तकलीफ होती है। दुध पीते समय गले में अटकता है। गर्दन की मांसपेशियां सपोर्ट नहीं करती है तो वह लटकती है। ऐसे में हमने शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाया। उन्होने भोपाल एम्स में जाने को कहा। वहां जाने के बाद पता चला कि बिटिया को एसएमए टाईप-1 नामक दुर्लभ बीमारी का उपचार केवल इंजेक्शन से ही मिल सकता है। यदि समय आगे बढ़ता चला गया तो जितनी मांसपेशियां/टिश्यू डेमेज हो जाएंगे,उतनी की रिकव्हरी कभी नहीं हो पाएगी। इसलिए उक्त बीमारी से निजात दिलाने हेतु धनसंग्रह का कार्य जारी है।
यह है अपील
डॉ.दुबेपुरिया के अनुसार एक एनजीओ मिलाप के माध्यम से लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। उनके मोबाइल नम्बर हैं- डॉ.रोहित-9039533426 एवं डॉ.प्रकृति- 9479515600
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

