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अनूपपुर: नर्मदा पुष्कर बांध में डूबा 45 वर्षीय युवक, शव ढूढ़ने एसडीआरएफ रवाना

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अनूपपुर: नर्मदा पुष्कर बांध में डूबा 45 वर्षीय युवक, शव ढूढ़ने एसडीआरएफ रवाना


अनूपपुर, 28 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की प्रमुख पर्यटन स्थल एवं धार्मिक-आध्यात्मिक नगरी अमरकंटक स्थित नर्मदा नदी के पुष्कर बांध में गुरुवार दोपहर बराती निवासी 45 वर्षीय सुरेश सिंह धुर्वे की डूबने से मृत्यु हो गई। गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर ट्रक खाली कराने के कार्य के लिए निकला था। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तथा जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ के गोताखोरों को सूचना दी गई जो अनूपपुर से 5 सदस्यी टीम रवाना हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार मृतक सुरेश सिंह धुर्वे गुरुवार की सुबह घर से इंडियन गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर ट्रक खाली कराने के कार्य के लिए निकला था। घर से निकलते समय उसने भाभी से कहा था कि वह कुछ पैसे कमाकर शीघ्र वापस लौट आएगा। कार्य समाप्त करने के बाद वह नर्मदा पुष्कर बांध पहुंचा और नहाने के उद्देश्य से बांध के किनारे कपड़े एवं चप्पल उतारकर पानी में उतर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुरेश सिंह धुर्वे ने बांध की पटरी से गहरे हिस्से की ओर कूदा, वहां मौजूद लोगों ने उसे मना भी किया, लेकिन उसने उनकी बात अनसुनी कर पानी में छलांग लगा दी। कुछ देर बाद जब वह पानी से बाहर नहीं निकला तो आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाते हुए बचाव का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर वह डूबा, वहां पानी की गहराई लगभग 35 से 40 फीट है। अत्यधिक गहराई होने के कारण स्थानीय तैराकों एवं गोताखोरों ने अंदर जाने से मना कर दिया। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पहुंची और मुख्यालय से एसडीआरएफ के गोताखोरों को बुलाया गया। घटना के बाद पुष्कर बांध तट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

यह घटना परिवार के लिए दूसरा बड़ा आघात बनकर सामने आई है। उल्लेखनीय है कि मृतक के बड़े भाई राजेश धुर्वे का निधन भी लगभग छह माह पूर्व हो चुका है। मृतक की भाभी कीर्ति सिंह धुर्वे एवं परिजन घटना स्थल पर मौजूद रहे। बताया जाता है कि सुरेश सिंह धुर्वे शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद मेहनत मजदूरी कर स्वयं तथा अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।

स्थानीय लोगों ने बताया कि दो-तीन वर्ष पूर्व भी इसी पुष्कर बांध की पटरी से गिरने के कारण कपिल संगम निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद लोग आज भी जान जोखिम में डालकर बांध की संकरी पटरी से आवाजाही करते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा खतरनाक हिस्सों में आवागमन रोकने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला