42 साल पुराना अकोदिया कन्या विद्यालय बंद होने से नाराजगी, अभिभावकों और छात्राओं में आक्रोश
अकोदिया, 28 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के अकोदिया स्थित वर्ष 1984 से संचालित शासकीय कन्या शाला विद्यालय को सांदीपनि विद्यालय में मर्ज किए जाने के फैसले के बाद नगर में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। अभिभावकों, छात्राओं और शिक्षकों ने इस निर्णय पर नाराजगी जताते हुए विद्यालय का स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बीते चार दशक से यह विद्यालय अकोदिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों छात्राओं को शिक्षा प्रदान करता रहा है। यह विद्यालय केवल अध्ययन केंद्र ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक संकुल केंद्र के रूप में भी कार्यरत रहा, जहां शिक्षा विभाग की विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होती थीं।
अभिभावकों के अनुसार, कन्या विद्यालय छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराता रहा है। विद्यालय परिसर में 13 सीसीटीवी कैमरे, 14 कक्ष, शांतिपूर्ण बाउंड्री वॉल, प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहां करीब 300 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि विद्यालय में 11 शिक्षक और तीन प्रायोगिक शिक्षक पदस्थ हैं।
विद्यालय के प्राचार्य लखन सिंह बरौले ने बताया कि संस्था भौतिक और शैक्षणिक दृष्टि से पूरी तरह सुविधायुक्त है तथा इस विद्यालय से छात्राओं और शिक्षकों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि शासन की नीति के तहत यह परिवर्तन किया गया है, जबकि विद्यालय लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विद्यालय के मर्ज होने से छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा प्रभावित हो सकती है। नगरवासी मुकेश खत्री ने इसे छात्राओं के लिए सबसे सुरक्षित और सुविधायुक्त परिसर बताया। वहीं अभिभावक धर्मेंद्र सिंह राजपूत का कहना है कि नगर और आसपास के गांवों की छात्राएं यहां अध्ययन करने आती हैं, इसलिए विद्यालय को बंद नहीं किया जाना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, शुजालपुर विकासखंड में नई शैक्षणिक व्यवस्था के तहत पांच क्लस्टर बनाए गए हैं और संकुल व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अकोदिया संकुल को हटाकर मो.खेड़ा विद्यालय को एरिया एजुकेशन ऑफिस में परिवर्तित किया गया है। इसी क्रम में कन्या विद्यालय को सांदीपनि विद्यालय में समाहित किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शिप्रे ने बताया कि छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय कन्या शाला अकोदिया को सांदीपनि विद्यालय में मर्ज किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल विश्वकर्मा

