home page

अनूपपुर: जर्जर स्कूल भवन, कीचड़ भरे रास्ते के बीच पढ़ने को मजबूर 22 बच्चे

 | 
अनूपपुर: जर्जर स्कूल भवन, कीचड़ भरे रास्ते के बीच पढ़ने को मजबूर 22 बच्चे


अनूपपुर: जर्जर स्कूल भवन, कीचड़ भरे रास्ते के बीच पढ़ने को मजबूर 22 बच्चे


अनूपपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की जनपद पंचायत अनूपपुर की ग्राम पंचायत धुरवासिन के खर्रा टोला प्राथमिक स्कूल में 22 बच्चे मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जर्जर भवन, टूटा हुआ मुख्य द्वार, रास्ते का कीचड़ और दूषित पेयजल जैसी समस्याओं के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को हर दिन परेशानी झेलनी पड़ रही है।

कीचड़ से ढका रास्ता, स्कूल के गेट पर जमा लाल पानी

बारिश के दौरान सड़क निर्माण एजेंसी की लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। ठेकेदार द्वारा विद्यालय मार्ग की ओर मिट्टी धकेल दिए जाने से पूरा रास्ता कीचड़ में बदल गया है। वहीं स्कूल परिसर में स्थित हैंडपंप से लाल रंग का दूषित पानी निकल रहा है, जिससे बच्चे आसपास के घरों से पीने का पानी लाने को विवश हैं।

झाड़ियों के कारण जहरीले जीवों का खतरा

स्कूल परिसर के चारों ओर लंबी घास-फूस और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं के विचरण का डर बना रहता है।

प्रधानाध्यापक राजन कुमार केवट ने बताया कि गेट टूटने, कीचड़ और लाल पानी की सूचना पंचायत और विभागीय इंजीनियर को दी गई थी, लेकिन ठेकेदार या पंचायत की ओर से मुरुम डालने या सफाई का काम नहीं कराया गया। वहीं परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से जर्जर भवन की मरम्मत और सुगम रास्ते की मांग की है।

संकुल प्रभारी ने दिया निराकरण का आश्वासन

संकुल प्रभारी लतार सीपी तिवारी ने बताया कि स्कूल अतिरिक्त कक्ष में संचालित हो रहा है। प्रधानाध्यापक से प्रस्ताव प्राप्त होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा और जल्द ही समस्याओं का समाधान कर विद्यार्थियों की असुविधा दूर की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला