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झाबुआ: शादी के तुरंत बाद अंतिम संस्कार की भयावह त्रासदी; गृह स्वामिनी की मौत से पूरे गांव में मचा हाहाकार

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झाबुआ: शादी के तुरंत बाद अंतिम संस्कार की भयावह त्रासदी; गृह स्वामिनी की मौत से पूरे गांव में मचा हाहाकार


झाबुआ: शादी के तुरंत बाद अंतिम संस्कार की भयावह त्रासदी; गृह स्वामिनी की मौत से पूरे गांव में मचा हाहाकार


झाबुआ, 28 फ़रवरी (हि.स.)। विवाह के रिसेप्शन के तुरंत बाद गृह स्वामिनी की मौत से ग्राम सारंगी में मचे व्यथा वेदना के हाहाकार की व्याकुल कर देने वाली भयावह कर्कश ध्वनि आज तीसरे दिन भी समग्र गांव को दुखी कर रही है। सब तरफ एक अनुत्तरित प्रश्न आंदोलित कर रहा है कि यदि ऐसा नहीं होता तो ये हो जाता, या फिर यह आखिर क्यों हुआ?

व्यथा वेदना का यह दर्दनाक मंजर मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले के ग्राम सारंगी का है, जहां शादी की खुशियां शादी के तत्काल बाद मौत के भयावह क्रंदन में तब्दील हो गई। गुरुवार को घटित हुई इस घटना से एक तरफ पूरा गांव तीसरे दिन शनिवार को भी सदमे में है, वहीं दूसरी तरफ शादी के घर में रुदन की कर्कश ध्वनि वातावरण को बोझिल बनाए हुए हैं। कुछ देर पहले जहां जिस जगह मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अचानक मौत की सिसकारियां गूंजने लगी, बधाई संदेशों के आदान प्रदान की जगह आज वहां शोक व्यक्त करने हेतु लोग पहुंच रहे हैं। अब वहां उस घर में गहन सन्नाटा पसरा हुआ है।

दर्द विदारक ऐसा घटनाक्रम जिले के सारंगी नामक कस्बे में घटित हुआ है, जहां रहने वाले आनंदीलाल पाटीदार के यहां गुरुवार को उनके पुत्र गोलू पाटीदार की शादी का आयोजन था, ओर शादी के उत्सव के बाद आयोजित किए जाने वाले रिसेप्शन की तैयारी हो चुकी थी, इसके साथ ही रिसेप्शन के वक्त दूल्हे के मामा पक्ष की तरफ से मामेरे की रस्म भी पूरी की जानी थी। (पाटीदार समाज में मामेरे की रस्म विवाह के बाद आयोजित होने वाले रिसेप्शन के दौरान की जाती है।) इस हेतु महिला के मायके से परिजन ओर संबंधी वहां आए हुए थे, ओर दूल्हे की मां गायत्री देवी जो कि अपने पीहर के परिजनों का स्वागत करते हुए उन्हें बधाने हेतु तिलक निकाल रही थी, तभी अचानक घबराहट के बाद उन्हे हृदयाघात हुआ और उनकी मौत हो गई।

मृतका गायत्री देवी के रिश्तेदारों के अनुसार उन्हें ब्लडप्रेशर संबंधी शिकायत थी, किंतु विवाह के उत्साहजनक एवं हर्ष से भरे माहौल में वे ब्लडप्रेशर की दवाई नहीं ले पाई। इधर मामेरा बधाने के समय उन्हें अपने भाई की याद आ गई, जिनकी थोड़े समय पहले मृत्यु हो गई थी। गायत्री देवी उन्हें सामने न पाकर गहन वेदना से भर उठी और विलाप करने लगी, परिणामस्वरूप उनका ब्लडप्रेशर अनियंत्रित हो गया और हृदयाघात की स्थिति पैदा हो गई, उन्हें तत्काल समीप के अस्पताल ले जाया गया, किंतु वहां पहुंचने के पहले ही उनकी मौत हो गई। आकस्मिक रुप से घटित हुई इस हृदय विदारक घटना के बाद विवाह का मंगलमय माहौल यकायक क्रंदन में बदल गया, ओर वैवाहिक खुशियों की जगह मातम की सिसकारियां गूंज उठी, जिसके कर्कश स्वर आज तीसरे दिन भी वातावरण को बोझिल बनाए हुए हैं, ओर विवाह वाले इस घर में अब शोक संवेदना व्यक्त करने हेतु लोग पहुंच रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा