अशोकनगर की रेल कनेक्टिविटी की उपेक्षा: सांसद सिंधिया की तस्वीरों से आगे बढक़र विधायक राय ने उठाई आवाज
अशोकनगर, 25 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण जिला होने के बावजूद अशोकनगर आज भी रेल कनेक्टिविटी के मामले में टापू बना हुआ है। गुना-बीना के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण का लाभ स्थानीय जनता को नहीं मिल पा रहा है। इंदौर, दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा न होने से क्षेत्र का विकास पूरी तरह ठप है।
इस मुद्दे पर क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मुलाकात की तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर सुर्खियां तो बटोरती हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस आदेश नहीं उतरा। इस फोटो पॉलिटिक्स और बढ़ती जन-निराशा के बीच अब स्थानीय विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने मोर्चा संभाला है। उन्होंने सीधे रेल मंत्री को पत्र लिखकर अशोकनगर की उपेक्षा को खत्म करने की मांग की है। विधायक राय का कहना है कि अशोकनगर की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगी; हमें पटरी पर दौड़ती ट्रेनें और महानगरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी चाहिए।
आस्था और विकास की पटरी: विधायक की प्रमुख मांगेंविधायक राय ने पत्र में स्पष्ट किया कि अशोकनगर के लोगों के लिए प्रयागराज और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थल केवल गंतव्य नहीं, बल्कि अटूट आस्था के केंद्र हैं। उन्होंने प्रमुखता से निम्नलिखित मांगें रेल मंत्रालय के समक्ष रखी हैं:
इंदौर-अयोध्या नई ट्रेन: इंदौर से शुरू होकर उज्जैन, मक्सी, शाजापुर, रुठियाई, गुना और अशोकनगर होते हुए प्रयागराज व अयोध्या तक नई ट्रेन चलाई जाए।प्रयागराज स्पेशल: कोटा से अशोकनगर होकर प्रयागराज तक शाम 5 से 10 बजे के बीच एक विशेष ट्रेन शुरू हो, ताकि श्रद्धालु सुगमता से अस्थि विसर्जन और धार्मिक अनुष्ठान के लिए आ-जा सकें।इंटरमिडिएट कनेक्टिविटी: कोटा-सिरसा एक्सप्रेस का विस्तार बीना जंक्शन तक और भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी का विस्तार नई दिल्ली तक किया जाए।वंदे भारत का उपहार: भोपाल से पाटलिपुत्र जाने वाली प्रस्तावित वंदे भारत एक्सप्रेस को गुना-इटावा रेल लाइन के माध्यम से संचालित किया जाए।
मेमू ट्रेन की बहाली: कोरोना काल से बंद बीना-रुठियाई मेमू के प्रतिदिन चार फेरे फिर से शुरू किए जाएं और इसका समय कोटा-इंदौर एक्सप्रेस से मेल खाता हुआ रखा जाए ताकि यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिले।
जनता की निराशा और राजनीतिक दबावक्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि सांसद सिंधिया के कद को देखते हुए यह उम्मीद थी कि अशोकनगर को अब तक महानगरों से जोड़ दिया जाएगा, लेकिन हाथ सिर्फ आश्वासन ही लगे हैं। अब विधायक हरिबाबू राय के इस पत्र ने रेल मंत्रालय और क्षेत्रीय नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

