एक सप्ताह के बाद ही एलपीजी संकट दूर होने की संभावना: मंत्री मुनियप्पा
बेंगलुरु, 13 मार्च (हि.स.)। कर्नाटक राज्य में वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति में आई बाधा क चलतेे होटल उद्योग को अभी एक सप्ताह से दस दिन तक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह जानकारी खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा ने दी।
शुक्रवार को विधान परिषद में वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कमी के मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस सदस्य इवान डिसूजा और नागराज यादव ने कहा कि राज्य में गैस की कमी गंभीर हो गई है और ऑटो चालकों तथा होटल व्यवसायियों को गैस उपलब्ध नहीं हो रही है। कुछ स्थानों पर गैस की कालाबाजारी होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं, जिसकी जांच की जानी चाहिए। सदस्यों ने बताया कि गैस की कमी के कारण होटलों में भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में भी भोजन तैयार करने में कठिनाई हो रही है। इंदिरा कैंटीन, अस्पतालों और मंदिरों में प्रसाद वितरण भी प्रभावित हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए समस्या के समाधान तक विश्वविद्यालयों को अवकाश देने पर भी विचार करने का आग्रह किया गया।
इस संबंध में जवाब देते हुए मंत्री मुनियप्पा ने कहा कि गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। अस्पतालों, छात्रावासों और आवासीय छात्रालयों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल गैस के भंडार में कमी के कारण अस्थायी समस्या उत्पन्न हुई है। अब तक दो जहाज भारत पहुंच चुके हैं और 10 से 12 जहाज और आने की संभावना है। इनके आने के बाद आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
तब तक होटल मालिकों से संभव हो तो विद्युत चूल्हों का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है और उन्हें एक सप्ताह से दस दिन तक धैर्य रखने की अपील की गई है। गैस की कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं और राज्य के पुलिस महानिदेशक को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा

