दिशाहीन और कर्ज बढ़ाने वाला बजट : प्रहलाद जोशी
बेंगलुरु, 06 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा पेश किए गए 2026–27 के राज्य बजट की आलोचना करते हुए कहा कि यह बजट आकार में भले ही बड़ा दिखाई देता हो, लेकिन इससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर कर्ज और वित्तीय घाटे का भारी बोझ बढ़ेगा।
प्रहलाद जोशी ने शुक्रवार को बयान जारी कर आरोप लगाया कि बजट में 97,449 करोड़ रुपये का वित्तीय घाटा और 29,957 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा दर्शाया गया है। उनके अनुसार, इस बजट के बाद राज्य का कुल कर्ज बढ़कर लगभग 8.24 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो कर्नाटक के आर्थिक इतिहास में एक रिकॉर्ड स्तर होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बजट वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित प्रतीत होता है। इसमें कुछ खास वर्गों, विशेषकर अल्पसंख्यकों के लिए अधिक घोषणाएं की गई हैं। जोशी के मुताबिक सरकार ने अल्पसंख्यक कॉलोनियों के विकास के लिए 1635 करोड़ रुपये, 5000 छात्रों को लैपटॉप देने और हुब्बल्ली व कलबुर्गी में हज भवन निर्माण जैसी घोषणाएं की हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अपनी ही ‘युवा निधि’ गारंटी योजना के लिए बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार धीरे-धीरे अपनी घोषित गारंटी योजनाओं से पीछे हट सकती है।
प्रहलाद जोशी ने बजट को “दिशाहीन और कर्ज बढ़ाने वाला” बताते हुए कहा कि इसमें कृषि, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ठोस योजनाओं का अभाव दिखाई देता है। उनके अनुसार, यह बजट राज्य को आर्थिक प्रगति की दिशा में आगे ले जाने के बजाय कर्ज के बोझ और वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा देने वाला साबित हो सकता है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा

