आपराधिक मामलों में पुलिस की संलिप्तता अक्षम्य अपराध : सिद्धारमैया
बेंगलुरु, 17 जनवरी (हि.स.)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आपराधिक मामलों में पुलिस की संलिप्तता पर गंभीर चिंता व्यक्त की और इसे अक्षम्य अपराध बताया। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को राज्य के थानों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन के बाद प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य में लगभग 88 मामलों में पुलिस की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने इसे “बाड़ लगाने और खेत में चराई करने” जैसी स्थिति बताते हुए कहा कि इससे सरकार और पुलिस विभाग की छवि धूमिल होती है।
सिद्धारमैया ने बताया कि चोरी, डकैती और हत्या के मामलों में कमी आई है, लेकिन साइबर अपराध और मादक पदार्थों से जुड़े मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कर्नाटक को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे केवल पुलिस की सतर्कता और दक्षता से ही हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों की कड़ी जांच हो और विदेशी संदिग्धों को उनके देशों में वापस भेजा जाए। मादक पदार्थों का पता लगाने में विफल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धारमैया ने चेतावनी दी कि वरिष्ठ अधिकारियों को थानों पर सतत निगरानी रखनी चाहिए और शक्तिशाली लोगों के पक्ष में काम करने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, साइबर अपराध और नशीली दवाओं पर नियंत्रण के लिए कानूनों को और सख्त करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि रायचूर जिले के कविथल पुलिस स्टेशन को देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशनों में तीसरा स्थान मिला है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा

