मुख्यमंत्री व अन्य नेताओं ने आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस पर जवानों को किया नमन
भुवनेश्वर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंहदेव और संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 65वें स्थापना दिवस पर बल के जवानों को शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने देश की सीमाओं की सुरक्षा में जवानों के साहस, त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा की सराहना की।
सोशल मीडिया पर जारी अपने अलग-अलग संदेशों में नेताओं ने आईटीबीपी के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आईटीबीपी के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनका साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा सराहनीय है। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जवानों का पराक्रम, त्याग और निःस्वार्थ सेवा पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्र की सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।
उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंहदेव ने आईटीबीपी के जवानों को ‘हिमवीर’ बताते हुए उन्हें हिमालय का प्रहरी और राष्ट्र की सुरक्षा का मजबूत कवच करार दिया। उन्होंने कहा कि बर्फीले तूफानों, हिमस्खलन और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जवान पूरी दृढ़ता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। उनका साहस, बलिदान और मातृभूमि के प्रति समर्पण देशभक्ति की सजीव अभिव्यक्ति है।
संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने भी आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर बल के जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि जवान दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधान ने सीमा पर सतर्कता बनाए रखने के साथ-साथ बचाव एवं राहत अभियानों में आईटीबीपी के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों का साहस और पेशेवर दक्षता राष्ट्रसेवा की उत्कृष्ट परंपराओं को दर्शाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो

