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धरती पर आने जाने के बीच किए गए कार्य ही बनाते हैं स्मरणीय : अर्जुन मुंडा

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धरती पर आने जाने के बीच किए गए कार्य ही बनाते हैं स्मरणीय : अर्जुन मुंडा


चंपाबाहा में पारंपरिक विधि विधान से हुई दिवंगत सानिका पाहन की पत्थलगड़ी

खूंटी, 23 फ़रवरी (हि.स.)। सरना समाज के अगुआ और आजीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे दिवंगत सनिका पाहन की स्मृति में सोमवार को तोरपा प्रखंड के चंपाबाहा में पारंपरिक विधि विधान से पत्थलगड़ी की गई है। कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा शामिल हुए। पत्थलगड़ी कार्यक्रम के दौरान सिंग बोंगा का आह्वान कर पूजा-अर्चना की गई।

इस अवसर पर अर्जुन मुंडा अपनी पत्नी मीरा मुंडा के साथ चंपाबहा गांव पहुंचे और पत्थलगड़ी स्थल पर पूजा में भाग लिया। उन्होंने संस्मरण पत्थर पर आम के पल्लव से अभिषेक किया तथा चावल अर्पित कर दिवंगत सनिका पाहन को श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि सनिका पाहन सरना समाज के सशक्त अगुआ थे और उन्होंने जीवन भर समाज सेवा के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि सरना धर्म आदि धर्म है और सानिका पाहन ने समाज की जागृति के लिए निरंतर प्रयास किए। 'जो व्यक्ति इस धरती पर आता है, उसका जाना निश्चित है,लेकिन धरती पर आने और जाने के बीच किए गए कार्य ही उसे स्मरणीय बनाते हैं'। उन्होंने कहा कि समाज सेवक के रूप में सनिका पाहन को लोग सदैव याद रखेंगे।

कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया, दीपक तिग्गा, प्रताप मुंडा, रेड़ा मुंडा, सीताराम मुंडा, संतोष जायसवाल, अजीत तोपनो, पूरेन्द्र मांझी, गंदौरी गुड़िया, पूनम भेंगरा, विमला डोडराय, प्रिया मुंडा, विजय मुंडा, गुडू मिश्रा, दुलार मुंडा, सुशीला कंडुलना, नीरज पाढ़ी, केशव कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व समाज के लोग उपस्थित रहे।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा