झारखंड में रामगढ़ जिला पोषण पोटली बांटने में रहा अव्वल
रामगढ़, 24 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रामगढ़ जिले में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम को उल्लेखनीय सफलता मिल रही है। उपायुक्त ऋतुराज ने शुक्रवार को बताया कि जिले के लोगों की सहभागिता और निक्षय मित्रों के सहयोग से अभियान को लगातार मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में 173 निक्षय मित्र अभियान से जुड़ चुके हैं, जिनके सहयोग से टीबी मरीजों को नियमित उपचार और आवश्यक पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि अभियान को और व्यापक बनाने के लिए एक विशेष पहल के तहत निक्षय मित्रों के लिए बैंक खाता भी खोला गया है। इस खाते के माध्यम से जिले के पदाधिकारी, कर्मचारी, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के संचालक, निजी संस्थानों के प्रतिनिधि तथा समाजसेवी सहयोग राशि जमा कर निक्षय मित्र बन सकते हैं और टीबी उन्मूलन अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में अब तक टीबी के संभावित लक्षण वाले 13,195 लोगों की आधुनिक मशीनों से जांच की गई। जांच के दौरान 500 टीबी मरीजों की पहचान की गई, जबकि 16 मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी मरीज भी चिन्हित किए गए। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी मरीजों के उपचार की सफलता दर 98 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
उपायुक्त ने बताया कि विशेष अभियान के तहत जिले के 82 हाई-रिस्क गांवों में शिविर आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले 148 शिविर आयोजित कर लक्ष्य से कहीं अधिक उपलब्धि हासिल की गई। इन शिविरों के दौरान 6,710 लोगों का एक्स-रे तथा 2,960 लोगों के बलगम के नमूनों की जांच की गई। जांच के दौरान 14 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार तत्काल शुरू कराया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि समय पर जांच, उपचार और जनजागरूकता के माध्यम से जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल किया जाए।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

