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इटकी के गांवों में कानूनी जागरूकता अभियान,नशा-मुक्ति और बाल संरक्षण के प्रति किया जागरूक

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इटकी के गांवों में कानूनी जागरूकता अभियान,नशा-मुक्ति और बाल संरक्षण के प्रति किया जागरूक


रांची, 08 मई (हि.स.)। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में रांची जिले के ईटकी प्रखंड में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं, नशा मुक्ति और बाल संरक्षण संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक करना है।

यह अभियान झालसा के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर तथा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव राकेश रौशन ने दी।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मल्टी पंचायत अंतर्गत पोखरटोली, मोरो और मकुन्दा गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पीएलवी अजय गोप, संतोष कुमार समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान पीएलवी सतीश कुमार ने नालसा की 10 प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत संचालित “साथी”, “जागृति”, “आशा” और “डॉन” स्कीम की जानकारी ग्रामीणों को दी। उन्होंने बताया कि “साथी अभियान” के माध्यम से 18 वर्ष से कम आयु के बेसहारा, निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के जरिए सहायता, संरक्षण और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। समाज के कमजोर और असहाय बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

पीएलवी सतीश कुशार ने “डॉन अभियान” के तहत युवाओं और ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का व्यापार, भंडारण, परिवहन, बिक्री और सेवन कानूनन अपराध है और इसके लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि नशा सीधे मानव मस्तिष्क को प्रभावित करता है और इससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के युवाओं को भी इसके प्रति जागरूक करें।

सतीश कुशार ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 1200 से अधिक निराश्रित बच्चों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।

कार्यक्रम में पीएलवी सोनू कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और अन्य सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं पायल कुमारी और राकेश मिश्रा ने वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और मईयां सम्मान योजना के लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

अजय कुमार गोप और शंकर साहु ने ग्रामीणों को मध्यस्थता और लोक अदालत की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोग कम समय और कम खर्च में अपने विवादों का समाधान करा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान 09 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। इसके साथ ही गांवों में डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak