home page

जितपुर खनन परियोजना की पहल लाई रंग, तीन युवाओं का मेकाट्रॉनिक्स डिप्लोमा के लिए चयन

 | 
जितपुर खनन परियोजना की पहल लाई रंग, तीन युवाओं का मेकाट्रॉनिक्स डिप्लोमा के लिए चयन


-राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना के तहत टाटा मोटर्स के प्रशिक्षण संस्थान में मिलेगा प्रशिक्षण, मासिक स्टाइपेंड भी मिलेगा

गोड्डा, 04 अगस्त (हि.स.)। गोड्डा जिले की जितपुर खनन परियोजना के सतत कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन प्रयासों को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। परियोजना के सहयोग से सुंदरपहाड़ी प्रखंड के तीन युवाओं का राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के तहत तीन वर्षीय डिप्लोमा इन मेकाट्रॉनिक्स कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है।

चयनित युवाओं में अंकित हेंब्रम (पिता- बाबूराम हेंब्रम, ग्राम- पहाड़पुर), भगत मुर्मू (पिता- भैया मुर्मू, ग्राम- जितपुर) और सिकंदर मरांडी (पिता- शांझला मरांडी, ग्राम- पहाड़पुर) शामिल हैं। तीनों अब टाटा मोटर्स के प्रशिक्षण संस्थान में अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मासिक स्टाइपेंड भी मिलेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ आधुनिक औद्योगिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे।

तीन वर्षीय उद्योग आधारित इस डिप्लोमा कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को मेकाट्रॉनिक्स का आधुनिक तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और औद्योगिक अनुभव मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनके लिए देश की अग्रणी ऑटोमोबाइल और विनिर्माण कंपनियों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

इस सफलता के पीछे जितपुर खनन परियोजना की ओर से किए गए सतत मार्गदर्शन, काउंसिलिंग और मेंटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परियोजना प्रमुख रितेश तिवारी के मार्गदर्शन में सीएसआर टीम ने युवाओं की पहचान से लेकर प्रवेश परीक्षा की तैयारी तक हर स्तर पर सहयोग किया। विशेष रूप से सीएसआर विभाग की सरबजीत कौर ने अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग, परीक्षा की तैयारी और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

यह उपलब्धि परियोजना की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है, जिसके तहत परियोजना प्रभावित परिवारों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

कौशल विकास के अलावा जितपुर खनन परियोजना क्षेत्र में सामाजिक विकास की विभिन्न योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इनमें रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, जॉब-लिंक्ड स्किल डेवलपमेंट, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, स्वास्थ्य जांच शिविर, पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास जैसे कई जनकल्याणकारी कार्यक्रम शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य परियोजना प्रभावित गांवों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देना है।

------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे