युवा कवि रवि शंकर साह को मिला 'अंग गौरव सम्मान'
देवघर, 12 जुलाई (हि.स.)।
जिले के बलसरा गांव निवासी युवा कवि और शिक्षक रवि शंकर साह को बिहार के भागलपुर में आयोजित भव्य अंग शिखर सम्मेलन में 'अंग गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया। उन्हें शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, हिंदी सेवा एवं साहित्यिक सक्रियता के लिए यह सम्मान दिया गया।
सम्मेलन की आयोजन समिति ने हिंदी साहित्य, शिक्षा और सारस्वत साधना में उनके दीर्घकालीन योगदान को देखते हुए इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए उनका चयन किया। भागलपुर के खचाखच भरे टाउन हॉल में आयोजित समारोह में यह सम्मान तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के तेज नारायण बनैली महाविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष और वरीय सहायक प्राध्यापक, डीलिट् से विभूषित डॉ रवि शंकर कुमार चौधरी ने दिया।
रवि शंकर साह पेशे से शिक्षक हैं और कई वर्षों तक विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में पत्रकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे बिहार और झारखंड के साहित्यिक जगत में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे राष्ट्रीय स्तर की साहित्यिक संस्था 'साहित्य समागम भारत' के संस्थापक हैं। उनका चर्चित काव्य संग्रह 'धूल भरी चांदनी' साहित्य प्रेमियों के बीच काफी सराहा गया है। इसके अलावा वे कई साझा काव्य संग्रहों का संपादन भी कर चुके हैं। उनकी एक पुस्तक का विमोचन झारखंड विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष के हाथों किया जा चुका है।
साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पूर्व में भी अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें महाकवि नीरज सम्मान, डोमन साहू समीर स्मृति युवा सम्मान, दानवीर कर्ण सम्मान, रविन्द्र चन्द्र भौमिक स्मृति साहित्य भूषण सम्मान (पश्चिम बंगाल), गुरु बृहस्पति सम्मान (साहित्य संगम संस्थान, नई दिल्ली), भगवती देवी स्मृति सम्मान (खोरठा भाषा साहित्य सृजन मंच, देवघर), सविता देवी स्मृति सम्मान और विद्यावाचस्पति सम्मान सहित कई अन्य सम्मान शामिल हैं।
रवि शंकर साह को मिले इस सम्मान पर देवघर सहित झारखंड और बिहार के साहित्यकारों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

