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योग आत्मिक और मानसिक विकास का आधार है : स्वामी ईश्वरानन्द गिरि

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योग आत्मिक और मानसिक विकास का आधार है : स्वामी ईश्वरानन्द गिरि


रांची, 14 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईएसएस) की ओर से रांची आश्रम में ध्यान योग से शांति की अनुभूति विषय पर विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि स्वामी ईश्वरानन्द गिरि ने कहा कि योग आत्मिक और मानसिक विकास का आधार है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने का संपूर्ण विज्ञान है, जो शरीर, मन और आत्मा के समन्वित विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने परमहंस योगानन्द की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नियमित ध्यान साधना के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर स्थित दिव्य शांति का अनुभव कर सकता है। उन्होंने कहा कि ध्यान का स्वाभाविक परिणाम आंतरिक शांति है, जो जीवन की चुनौतियों और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यक्ति को संतुलित बनाए रखती है।

वरिष्ठ संन्यासी स्वामी ईश्वरानन्द गिरि ने ध्यान और योग के माध्यम से आंतरिक शांति प्राप्त करने के उपायों पर प्रकाश डाला। 90 मिनट तक चले इस सत्र में भजन, निर्देशित ध्यान, सकारात्मक संकल्प और सृजनात्मक दृश्यांकन के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक संतुलन, एकाग्रता और आत्मिक शांति के व्यावहारिक उपाय बताए गए।

समापन के अवसर पर योगदा सत्संग पाठमाला और ध्यान प्रशिक्षण की जानकारी भी दी गई। मौके पर देश-विदेश के वाईएसएस केंद्रों, ध्यान समूहों, शैक्षणिक संस्थानों और कॉर्पोरेट वेलनेस समूहों सहित विभिन्न स्थानों से प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यमों से सैकड़ों लोगों जुड़े रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar