ग्रामीण महिला सशक्तिकरण पर बीआईटी मेसरा में कार्यशाला
रांची, 18 सितंबर (हि.स.)।
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग की ओर से भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के सहयोग से शुक्रवार को ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और ज्ञान प्रसार विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, बैंकिंग, आजीविका विकास, क्षमता निर्माण और उद्यमिता पर चर्चा हुई। कार्यशाला का संयोजन विभाग की डॉ सुजाता प्रियंबदा दाश ने किया, जबकि आयोजन सचिव की भूमिका केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की डॉ राजेश्वरी चटर्जी ने निभाई।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि प्रोफेसर संदीप सिंह सोलंकी, डीन, पोस्टग्रेजुएट स्टडीज, बीआईटी मेसरा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का सीधा संबंध परिवार और समाज के विकास से है। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला में मिली जानकारी को अपने परिवार और समुदाय तक पहुंचाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कुमार संजय सावर्णी ने प्रतिभागियों की मेहनत और प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। संयोजक डॉ सुजाता प्रियंबदा दाश ने कृषि, सामुदायिक विकास और छोटे व्यवसायों में ग्रामीण महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। लखपति दीदी के लक्ष्य की दिशा में महिलाओं को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
तकनीकी सत्र में अभिषेक चांद ने स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और क्लस्टर लेवल फेडरेशन की भूमिका के साथ बकरी पालन, मुर्गी पालन, सूअर पालन, डेयरी, कृषि और अंडा उत्पादन जैसी आजीविका गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनरों को प्रमाण-पत्र दिए गए।
इस अवसर पर विभाग के कई अधिकारी पदाधिकारियों के अलावे अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

