ओबीसी वर्ग के जनसंख्या के आंकड़ाें के बगैर नहीं होगा योजनाओं का सही आकलन : कमलेश
रांची, 16 सितंबर (हि.स.)। जातीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष निशांत जायसवाल के नेतृत्व में रांची में राजभवन मार्च किया गया।
मार्च की शुरुआत बापू वाटिका से हुई और सैकडों ओबीसी समाज के लोग, कांग्रेस के नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि शामिल हुए।
मार्च के दौरान ओबीसी समाज की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने एवं जातीय जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट तथा वैज्ञानिक गणना की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई।
मार्च के बाद कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जातीय जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम शामिल करने की मांग की।
मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना केवल आंकड़े जुटाने का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के अलग-अलग वर्गों की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि जब तक ओबीसी समाज की जनसंख्या और उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आएगा, तब तक उसके लिए बनाई जाने वाली योजनाओं और नीतियों की प्रभावशीलता का सही आकलन नहीं हो सकता।
ओबीसी समाज की मांग को नहीं देखा जाए राजनीतिक मुद्दे के रूप में : दीपिका
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ओबीसी समाज की मांग को केवल राजनीतिक मुद्दे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए विश्वसनीय और व्यापक आंकड़े जरूरी हैं।
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि ओबीसी समाज के लोगों का रांची में जुटना यह दर्शाता है कि समाज अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर गंभीर है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की बुनियाद ही समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व पर टिकी है।
वहीं प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रभारी योगेन्द्र योगी ने कहा कि कांग्रेस इस मांग को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह मार्च किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि एक स्पष्ट नीतिगत मांग को लेकर आयोजित किया गया है। पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि देश की आबादी में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या का स्पष्ट आंकड़ा सामने आए बिना सामाजिक न्याय की नीतियों को पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू करना कठिन है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि कहा कि ओबीसी समाज लंबे समय से अपनी वास्तविक जनसंख्या के वैज्ञानिक आंकड़े की मांग करता रहा है।
प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के अध्यक्ष निशांत जायसवाल ने कहा कि यह आंदोलन का अंत नहीं बल्कि ओबीसी समाज के अधिकारों की लोकतांत्रिक लड़ाई को आगे बढ़ाने की शुरुआत है।
कार्यक्रम के बाद लोकभवन जानेवाले पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में केशव महतो कमलेश, निशांत जयसवाल, विधायक ममता देवी, ओबीसी विभाग के प्रदेश प्रभारी योगेंद्र योगी, पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद, अभिलाष साहु, शशिभूषण राय, राकेश किरण महतो, अदित्य विक्रम जयसवाल शामिल सहित अन्य शामिल थे।
कार्यक्रम में विधायक रामचन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, बन्धु तिर्की, पूर्व विधायक जेपी पटेल, जलेश्वर महतो, राकेश सिन्हा सहित कई ओबीसी कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

