जल जमाव से जनता-व्यापारी त्रस्त, नगर निगम के अधिकारी मस्त : चेंबर
रांची, 16 जून (हि.स.)। राजधानी रांची में जल जमाव की जटिल होती समस्या को लेकर झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने रांची नगर निगम की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
चेंबर के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को महापौर, उपमहापौर और नगर निगम के अधिकारियों से मुलाकात कर शहर के विभिन्न रिहायशी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही जल जमाव की समस्या से अवगत कराया। बावजूद इसके निगम अधिकारियों की ओर से केवल फंड की कमी, प्राक्कलन तैयार होने और आवंटन की प्रक्रिया का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने का प्रयास किया गया। यह बातें मंगलवार को चेंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।
उन्होंने कहा कि चेंबर पिछले कई वर्षों से लगातार बड़ा तालाब क्षेत्र, पीपी कम्पाउंड, नाला रोड, टेलीफोन एक्सचेंज रोड, बंशीधर अडूकिया रोड, मेन रोड उर्दू लाइब्रेरी सहित कई क्षेत्रों में जल जमाव की समस्या को प्रमुखता से अवगत कराता रहा है।
हर वर्ष वही आश्वासन, वही फाइलें और वही बहाने सुनने को मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस काम नहीं होता। यह स्थिति नगर निगम की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यदि कुछ मिनटों की बारिश में ही राजधानी डूब जाती है, तो आखिर स्मार्ट सिटी का दावा किस आधार पर किया जा रहा है।
स्थिति यह है कि थोड़ी सी बारिश होते ही राजधानी की सड़कें तालाब बन जाती हैं। व्यापारी गंदे और बदबूदार पानी के बीच अपनी दुकानें खोलने को विवश हैं। वहीं आम नागरिकों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। महासचिव ने कहा कि बड़ा तालाब क्षेत्र में नालियों का गंदा पानी मंदिरों, घरों, अस्पतालों और धर्मशालाओं तक में प्रवेश कर जाता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन दोनों पर संकट उत्पन्न हो रहा है।
नगर निगम के अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई और खोखले आश्वासनों के सहारे अपनी जिम्मेदारियों से बचने का काम कर रहे हैं।
यदि चार वर्षों में भी एक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया, तो यह प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। राजधानी किसी भी राज्य का चेहरा होता है और वर्तमान सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए अधिकारी टाल मटोल का रवैया अपनाते हैं।
झारखंड चेंबर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नगर विकास मंत्री और नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव से इस गंभीर विषय में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। चेंबर ने कहा है कि राजधानी की जनता और व्यापारियों को हर वर्ष जल जमाव की त्रासदी झेलने के लिए छोड़ देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

