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झारखंड की वांछित मानव तस्कर दिल्ली से गिरफ्तार, खूंटी की एक पीड़िता का किया गया रेस्क्यू

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झारखंड की वांछित मानव तस्कर दिल्ली से गिरफ्तार, खूंटी की एक पीड़िता का किया गया रेस्क्यू


झारखंड की वांछित मानव तस्कर दिल्ली से गिरफ्तार, खूंटी की एक पीड़िता का किया गया रेस्क्यू


रांची, 01 अगस्त (हि.स.)। झारखंड की वांछित मानव तस्कर की आरोपित महिला को शनिवार सुबह दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र, झारखंड भवन, नई दिल्ली के समन्वय में चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस एवं एक स्थानीय एनजीओ की संयुक्त कार्रवाई में की गयी है।

इस अभियान के दौरान मानव तस्करी की शिकार खूंटी जिले की एक बच्ची को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

गिरफ्तार मानव तस्कर महिला के विरुद्ध चाईबासा में वर्ष 2023 से मानव तस्करी के अनेक मामलों में प्राथमिकी दर्ज थी और न्यायालय की ओर से गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। चाईबासा पुलिस पूर्व में कई बार दिल्ली आकर आरोपित की गिरफ्तारी का प्रयास कर चुकी थी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।

इस बार संयुक्त रणनीति के तहत पिछले दो-तीन दिनों से आरोपित के संभावित ठिकानों और आसपास के क्षेत्रों की लगातार रेकी की जा रही थी। इसी क्रम में शनिवार सुबह लगभग 06 बजे आरोपित को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपित को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से चाईबासा पुलिस को चार दिनों की रिमांड प्राप्त हुई है।

इसी कार्रवाई के क्रम में एक अन्य मानव तस्कर की गिरफ्तारी भी की गई, जिसके घर से खूंटी जिले की एक बालिका को बरामद किया गया। उक्त बच्ची को दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया जा चुका है और वर्तमान में उसे सुरक्षित गृह में रखा गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उसके सुरक्षित पुनर्वास की आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा कि मानव तस्करी के मामलों में विभाग की नीति पूर्णतः जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने राज्य के सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे किसी भी मामले की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित जिलों के जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि आवश्यक होने पर तत्काल संयुक्त टीम बनाकर नई दिल्ली भेजी जाए, ताकि पीड़ित बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके गृह जनपद में पुनर्वासित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि पुनर्वास के बाद पीड़ित बच्चों को झारखंड सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा और उनकी सतत निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे वे दोबारा मानव तस्करी के जाल में न फंसें।

महिला एवं बाल विकास विभाग मानव तस्करी के विरुद्ध लगातार संवेदनशील और सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। इसी का परिणाम है कि अब तक मानव तस्करी के शिकार झारखंड के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं का सुरक्षित रेस्क्यू कर उनका सफल पुनर्वास किया जा चुका है एवं उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे