home page

विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों की गैरमौजूदगी पर जताई नाराजगी, बोले- सवाल पूछने वाले सदस्य समय पर सदन में रहें

 | 
विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों की गैरमौजूदगी पर जताई नाराजगी, बोले- सवाल पूछने वाले सदस्य समय पर सदन में रहें


रांची, 10 अगस्त (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई बार सदस्य सदन में सवाल पूछते हैं, लेकिन जब उनके सवाल का नंबर आता है तो वे सदन में मौजूद नहीं रहते। इससे सदन की कार्यवाही प्रभावित होने के साथ-साथ उसकी गरिमा पर भी असर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन सदस्यों के सवाल सूचीबद्ध हैं, उन्हें अपने सवाल के समय सदन में उपस्थित रहना चाहिए।

कार्यवाही के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सदस्यों के नाम पुकारकर उनकी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे। इसी क्रम में विधायक अरूप चटर्जी का नाम पुकारे जाने पर उन्हें अनुपस्थित बताया गया। इस पर अरूप चटर्जी ने तत्काल कहा कि वह सदन में ही मौजूद हैं। इससे सदन में कुछ देर के लिए स्थिति असहज हो गई।

इसी तरह देर से सदन में पहुंचे विधायक प्रदीप यादव और जयराम महतो के सवालों का नंबर पहले ही आ चुका था। दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि उनके सवालों को भी लिया जाए। हालांकि अध्यक्ष ने कहा कि सदन की कार्यवाही आगे बढ़ चुकी है और निर्धारित क्रम के अनुसार अब अगले सवाल पर बढ़ा जा चुका है। इस घटनाक्रम के माध्यम से अध्यक्ष ने सदस्यों को समय की पाबंदी और सदन में नियमित उपस्थिति का संदेश दिया।

सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजकर छह मिनट पर शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होने के समय भाजपा का कोई भी विधायक सदन में मौजूद नहीं था। इससे सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी।

कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन को जानकारी दी कि सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्मदिन है। इसके बाद सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सदन में कुछ समय के लिए उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

प्रश्नकाल के दौरान कोलेबिरा विधायक बिक्सल कोंगाड़ी ने पशुपालकों को पशुपालन योजनाओं का लाभ मिलने से संबंधित सवाल उठाया। विधायक ने सरकार से विभाग की योजनाओं और पशुपालकों को मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी मांगी।

सरकार की ओर से जवाब देते हुए बताया गया कि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के बजट में पिछले कई वर्षों से विभिन्न योजनाओं के संचालन और संबंधित कार्यों के लिए प्रावधान किया जाता रहा है। सरकार ने कहा कि बजट में बढ़ोतरी के साथ आने वाले समय में अधिक से अधिक योजनाओं को इसमें शामिल किया जाएगा।

सरकार की ओर से यह भी कहा कि पशुपालकों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विभाग लगातार अपनी योजनाओं का विस्तार कर रहा है। पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने और इससे जुड़े लोगों को संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पहली बार पशुपालन योजना बोर्ड की शुरुआत भी की गई है।

सरकार के अनुसार, पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में आने वाले समय में योजनाओं के विस्तार और बजट में वृद्धि के जरिए अधिक से अधिक पशुपालकों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

---------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे