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विहिप चार अक्टूबर को मनाएगी अशोक सिंहल का जन्म शताब्दी समारोह

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विहिप चार अक्टूबर को मनाएगी अशोक सिंहल का जन्म शताब्दी समारोह


रांची, 01 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी वर्ष पर विश्व हिंदू परिषद की ओर से वर्षभर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं सेवा-आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत सेवा कार्यों का विस्तार, वैदिक शिक्षा, गोरक्षा, धर्मांतरण पर रोक तथा मंदिर मुक्ति जैसे कार्यों को विशेष गति दी जाएगी।

विश्व हिंदू परिषद प्रांत अध्यक्ष चन्द्रकांत रायपत ने गुरुवार को रांची के एक होटल में प्रेस वार्ता में बताया कि झारखंड में इस शताब्दी समारोह का भव्य उद्घाटन चार अक्टूबर को धुर्वा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक सच्चिदानंद अग्रवाल, विशिष्ट वक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं केन्द्रीय विशेष संपर्क प्रमुख सह पटना क्षेत्र के पालक अधिकारी अम्बरीष उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा विशेष अतिथि के तौर पर प्रसिद्ध लोक कवि एवं गायक पद्मश्री महावीर नायक उपस्थिति रहेंगे। इस समारोह में पूरे प्रांत से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं सनातन समाज के प्रबुद्धजन एकत्र होकर श्रद्धेय अशोक सिंहल का स्मरण करेंगे तथा उनके जरिये प्रारंभ किए गए अधूरे कार्यों को पूर्ण करने का संकल्प लेंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान झारखंड प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रान्त संयोजक रंगनाथ महतो, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, प्रांत प्रचार प्रमुख प्रकाश रंजन, अमरनाथ ठाकुर,अनिल तिवारी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि अशोक सिंहल का 27 सितंबर 1926 को आगरा के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। सिंहल ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं धर्म की सेवा में समर्पित कर दिया। वर्ष 1950 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस ) के प्रचारक बने। वर्ष 1982 में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री का दायित्व संभाला और तत्पश्चात महामंत्री, अध्यक्ष तथा जीवन पर्यंत संरक्षक के रूप में संगठन को दिशा दी।

उन्होंने सामाजिक समरसता, गोरक्षा, धर्मांतरण रोकने तथा वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसारके लिए वेद विद्यालयों की स्थापना में अनवरत योगदान दिया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाकर समाज के सभी वर्गों को जोड़ने में उनकी अहम भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे