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जनजातीय समाज की समस्याओं का समय पर और विधिसम्मत समाधान करना जरूरी : आशा लकड़ा

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जनजातीय समाज की समस्याओं का समय पर और विधिसम्मत समाधान करना जरूरी : आशा लकड़ा


रांची, 05 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी), की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने सोमवार को रांची जिले के बेड़ो प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रखंड स्तरीय जनजातीय संवाद कार्यक्रम में भाग लिया।

इस दौरान उन्होंने जनजातीय समाज, सामाजिक संगठनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और जनजातीय समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की।

डॉ आशा लकड़ा ने कहा कि जनजातीय समाज की समस्याओं को केवल सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समय पर त्वरित और विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों और हितों की रक्षा करना राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

भूमि और सीएनटी से जुड़े मामलों पर विशेष जोर

जनजातीय संवाद के दौरान जनजातीय भूमि से जुड़े मामलों, भूमि हस्तांतरण और भूमि विवादों सहित सीएनटी एक्ट के प्रावधानों के अनुपालन से संबंधित विषय प्रमुखता से उठाए गए।

जनजातीय भूमि से संबंधित मामलों में कानून के प्रावधानों का पालन कराएं

डॉ लकड़ा ने संबंधित अधिकारियों से इन मामलों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि लंबित मामलों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जनजातीय भूमि से संबंधित मामलों में कानून के प्रावधानों को पूरी तरह से पालन कराएं।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा

संवाद के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं, विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं सहित कई स्थानीय समस्याएं सामने आईं।

डॉ आशा लकड़ा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आंगनबाड़ी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि जनजातीय समाज को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों की ओर से सरना और मसना स्थलों के निर्माण एवं संरक्षण से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।

डॉ आशा लकड़ा ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा एवं सामाजिक पहचान से जुड़े विषयों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों का नियमानुसार समाधान किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर बेड़ो प्रखंड प्रमुख वीनिता कच्छप, सीओ राजकुवर सिंह, थाना प्रभारी सहित प्रशासनिक अधिकारी, चार पंचायतों के मुखिया शुसांति भगत, लक्ष्मी खोया, जतरू उरांव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सहित अन्य उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak