एसआईआर अंतर्गत सुनवाई के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए लागू होगा टोकन सिस्टम
रांची, 09 सितंबर (हि.स.)। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
ऑनलाइन बैठक में उप विकास आयुक्त संजय कुमार भगत, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण सहित सभी विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ, एईआरओ एवं एडिशनल ईआरओ उपस्थित थे।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावा-आपत्ति की सुनवाई, नोटिस वितरण, फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन और ईआरओ और एईआरओ स्तर पर प्रपत्रों के निष्पादन की विधानसभावार समीक्षा की गई।
भीड़ नियंत्रण के लिए टोकन सिस्टम लागू करने का निर्देश
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने दावा-आपत्ति की सुनवाई के दौरान टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सुनवाई स्थल पर भीड़ का सुव्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए और दिव्यांग, बुजुर्ग एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले मतदाताओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनवाई के दौरान प्राप्त सभी आवश्यक दस्तावेजों का समुचित डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए।
फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने का निर्देश
भजन्त्री ने बीएलओ स्तर पर फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिया। साथ ही फॉर्म-6 और फॉर्म-8 से संबंधित प्रपत्रों के ईआरओ, एईआरओ स्तर पर निष्पादन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने सभी ईआरओ, एईआरओ को निर्देशित किया कि दावा-आपत्ति से संबंधित मामलों की सुनवाई एवं नोटिस वितरण की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि दावा-आपत्ति की सुनवाई के दौरान अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें। किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। प्राप्त दस्तावेजों एवं दावों की नियमानुसार जांच के बाद ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी एईआरओ को नजरी नक्शे के अनुसार संबंधित बूथ भ्रमण का निर्देश दिया।
बैठक में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब और चुनावी पाठशाला के संचालन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
साथ ही इसीनेट ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार और मतदाताओं को निर्वाचन संबंधी डिजिटल सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
बीएलए-2 की ओर से फॉर्म-9, फॉर्म -10, फॉर्म -11, फॉर्म -11ए और फॉर्म -11बी उपलब्ध कराए जाने की भी समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि उक्त प्रपत्रों के हस्तांतरण की प्रक्रिया नियमानुसार, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए एवं इसका उचित रिकॉर्ड का निपटारा किया जाए।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े सभी कार्यों में समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

