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झारखंड के संसाधनों पर पहला अधिकार यहां की जनता का : कमलेश

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झारखंड के संसाधनों पर पहला अधिकार यहां की जनता का : कमलेश


रांची, 02 सितंबर (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों और प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष राज उरांव ने की। बैठक में झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी विशेष रूप से उपस्थित थे।

बैठक में 07 सितंबर 2026 को लोकभवन, रांची के समक्ष आयोजित धरना-प्रदर्शन एवं लोकभवन चलो कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ता, आदिवासी समाज, मूलवासी समुदाय एवं आम जनता की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर व्यापक रणनीति तैयार की गई।

बैठक में मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। उनमें भगवान श्रीराम मंदिर के नाम पर प्राप्त चंदे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग और दूसरा, झारखंड के जल, जंगल, जमीन एवं खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों को प्रभावित करने वाले एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 का विरोध शामिल है।

बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां की जनता का है। यदि केंद्र सरकार किसी कानून के माध्यम से राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने और झारखंड के संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश करती है, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। 07 सितंबर का ‘लोकभवन चलो’ कार्यक्रम झारखंड के अधिकारों की निर्णायक जनआवाज बनेगा।

झारखंड के संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी कांग्रेस

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी झारखंड के संवैधानिक अधिकारों और राज्य की जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। मौके पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर जनता से प्राप्त चंदे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आस्था के नाम पर जुटाए गए धन में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। जनता के पैसे का हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। कांग्रेस किसी भी प्रकार की अनियमितता पर पर्दा डालने के पक्ष में नहीं है।

वहीं प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष राज उरांव ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि झारखंड के आदिवासी-मूलवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और राज्य के हितों की रक्षा की लड़ाई है। हमारे पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। हम झारखंड की खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य एवं यहां की जनता के अधिकार को किसी कीमत पर कमजोर नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा कि 07 सितंबर को आदिवासी कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ लोकभवन चलो कार्यक्रम में शामिल होंगे और झारखंड के हक एवं अधिकार की आवाज बुलंद करेंगे।

बैठक में आदिवासी कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता अनुप लकड़ा, संजय सेबेस्टियन मरांडी, अनिल उरांव, समीर हंसदा, अजीत करमाली, गगन करमाली, सुनील मिंज, विक्की करमाली, सुरेश सावैया, संदीप सनी देवगम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak