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उपायुक्त ने समाहरणालय के विभिन्न कार्यालयों का किया औचक निरीक्षण

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उपायुक्त ने समाहरणालय के विभिन्न कार्यालयों का किया औचक निरीक्षण


रांची, 15 मई (हि.स.)। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय स्थित विभिन्न कार्यालयों का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अलग-अलग कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति की जांच की। अनुपस्थित पाये गये कर्मियों के संबंध में यह भी सत्यापित किया गया कि उन्होंयने अवकाश के लिए आवेदन दिया है या नहीं।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कार्यालयों में अनुशासन और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रशासनिक कार्यसंस्कृति की पहली जरूरत है।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों के टेबल पर स्पष्ट रूप से नेम प्लेट प्रदर्शित करने और प्रत्येक कर्मी के लिए पहचान पत्र धारण करने की भी जांच की। पंचायती राज कार्यालय में एक लिपिक के पहचान पत्र नहीं पहनने पर उन्होंने शोकॉज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को कार्यालय में आने पर संबंधित कर्मी की पहचान में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

अनुकंपा पर नियुक्त कर्मियों को प्रशिक्षण देने पर जोर

विभिन्न कार्यालयों में अनुकंपा के आधार पर पदस्थापित कर्मियों को दिये गये कार्यों की भी उपायुक्त ने जानकारी ली। उन्होंने संबंधित कार्यालय प्रधानों से जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि ऐसे कर्मियों को कार्यालय के कार्यों की समुचित जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाये, ताकि वे दायित्वों का निर्वहन बेहतर ढंग से कर सकें। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सभी कर्मियों को कार्य की स्पष्ट समझ होना जरूरी है।

अग्निशामक यंत्रों की जांच

समाहरणालय भवन के विभिन्न फ्लोर में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अग्निशामक यंत्रों की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला नजारत उपसमाहर्त्ता को निर्देश दिया कि सभी तल्लों में अग्निशामक यंत्रों लगाया जाए और यह देखा जाये कि सभी यंत्र पूरी तरह फंक्शनल हों। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी।

सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा

उपायुक्त ने समाहरणालय भवन की छत का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखने का निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए पानी जमा होने की स्थिति नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने चौकीदारों को 24 घंटे समाहरणालय परिसर की निगरानी करने का निर्देश दिया, ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त की नजर तीसरे तल्ले में खड़े एक व्यक्ति पर पड़ी। पूछताछ करने पर उसने बताया कि निर्मल आवास परिसर में रहने वाले कुष्ठ पीड़ित समाज के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उपायुक्त ने तत्काल संबंधित पदाधिकारी को वहां बोरिंग कराने का निर्देश दिया।

मौके पर अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) जेश्वरनाथ आलोक, नजारत उपसमाहर्त्ता सुदेश कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak