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चेंबर ने उड्डयन मंत्री से मिलकर की झारखंड में एयर कनेक्टिविटी और कार्गो सुविधा देने की मांग

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चेंबर ने उड्डयन मंत्री से मिलकर की झारखंड में एयर कनेक्टिविटी और कार्गो सुविधा देने की मांग


रांची, 20 मई (हि.स.)। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रांची प्रवास के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर झारखंड के विमानन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों पर ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ भी उपस्थित थे।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार, नए एयरपोर्ट निर्माण, एयर कार्गो सुविधाओं के विकास, धार्मिक और औद्योगिक पर्यटन को बढ़ावा देने, मेडिकल एविएशन नेटवर्क, विमानन प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना और यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी।

चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज और औद्योगिक राज्यों में शामिल होने के बावजूद अभी भी पर्याप्त एयर कनेक्टिविटी से वंचित है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, देवघर, हजारीबाग और पलामू जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में बेहतर हवाई सेवाओं की बेहद जरूरी है।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को पूर्ण अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की मांग

चेंबर अध्यक्ष ने रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को पूर्ण अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और दुबई, दोहा, सिंगापुर, बैंकॉक और काठमांडू के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की। साथ ही एयर कार्गो टर्मिनल, रनवे विस्तार और अत्याधुनिक नाइट लैंडिंग सुविधाओं के विकास का भी आग्रह किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर के धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को जल्दर स्वीकृति देकर निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग करते हुए कहा कि यह परियोजना कोल्हान और पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। धनबाद एयरपोर्ट को उड़ान योजना से जोड़ने, बोकारो एयरपोर्ट से नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू करने और देवघर एयरपोर्ट का विस्तार कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने का भी आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में एयर कार्गो और लॉजिस्टिक हब विकसित करने, कृषि एवं एमएसएमई उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तथा एयर फ्रेट सब्सिडी की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया। ज्ञापन में राज्य के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा, हेलिपैड नेटवर्क एवं मेडिकल एविएशन नेटवर्क विकसित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही झारखण्ड के पर्यटन स्थलों—नेतरहाट, बेतला, पारसनाथ, सरांदा और पतरातू घाटी को जोड़ते हुए झारखंड टूरिज्म एयर सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने रांची एयरपोर्ट में पार्किंग और ट्रैफिक जाम की समस्या, घने कोहरे के कारण उड़ानों में होने वाली देरी और डायवर्जन का मुद्दा भी उठाया एवं सीटी-2 आईएलएस सिस्टम स्थापित करने और एयरपोर्ट के सामने स्थित डिफेंस भूमि पर आधुनिक पार्किंग सुविधा विकसित करने का सुझाव दिया। ,

टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए एयरलाइंस को प्रोत्साहित करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए आम यात्रियों और एमएसएमई क्षेत्र को राहत देने के लिए एयरफेयर को संतुलित रखने, लाइट फेयर योजना लागू करने, मेडिकल डिस्काउंट देने और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों के लिए एयरलाइंस को प्रोत्साहन देने का भी आग्रह किया।

वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए विषयों को गंभीरता से सुना और राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने और छोटे शहरों को राष्ट्रीय एविएशन नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को बाइक रैली के माध्यम से एयरपोर्ट तक विदा किया।

प्रतिनिधिमंडल में चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, सह सचिव नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, डॉ अभिषेक रामाधीन, तुलसी पटेल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, उप समिति चेयरमैन श्रवण राजगढ़िया शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak