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शिक्षकों के आर्थिक शोषण और सेवाहितों की अनदेखी के खिलाफ आंदोलन का ऐलान

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शिक्षकों के आर्थिक शोषण और सेवाहितों की अनदेखी के खिलाफ आंदोलन का ऐलान


रांची, 28 अगस्त (हि.स.)। झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा की बैठक शुक्रवार को शांति निवास, अरगोड़ा हाउसिंग कॉलोनी में प्रदेश संयोजक डॉ सुधांशु कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई।

बैठक में शिक्षकों की लंबित सेवा-सुविधाओं, आर्थिक अधिकारों और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर गंभीर चर्चा की गई। मोर्चा ने सरकार से मांगों के जल्द समाधान के लिए निर्णायक चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।

प्रदेश संयोजक अमीन अहमद और प्रवक्ता अरुण कुमार दास ने कहा कि सभी शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देने, छठे वेतन आयोग 2006 की अनुशंसा के अनुरूप उत्क्रमित वेतनमान लागू करने और शिक्षकों को जेपीएससी की सीमित उप समाहर्ता प्रतियोगिता परीक्षा में पूर्व की तरह अवसर दिया जाए। साथ ही अवर शिक्षा सेवा और राज्य शिक्षा सेवा के 50 प्रतिशत पद शिक्षकों के लिए आरक्षित कर सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग की गई।

मोर्चा ने जेसीईआरटी की मासिक आरएआईएल रेल परीक्षा के अतिरिक्त जिलास्तरीय अलग परीक्षाओं और रिपोर्टिंग पर रोक, प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने एवं आवश्यकता के अनुसार घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति की मांग रखी।

बैठक में विजय बहादुर सिंह, आशुतोष कुमार, सुमेश कुमार मिश्रा, पंकज कुमार, राकेश श्रीवास्तव, अजय कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar