सीएचओ की सक्रिय भूमिका से स्वास्थ्य के प्रति बढ़ेगी जागरूकता : सीएस
रांची, 21 जनवरी (हि.स.)। जन आरोग्य समिति (जेएएस) के सशक्तिकरण, इसके प्रभावी क्रियान्वयन और टीबी मुक्त पंचायत के उद्देश्य से रांची सदर अस्पताल परिसर में बुधवार को तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का समापन हुआ।
सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ), मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में सिविल सर्जन (सीएस) डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि सशक्त जन आरोग्य समिति मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली की आधारशिला है। सीएचओ की सक्रिय भूमिका से समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि योजनाओं की जिम्मेदारी लेते हैं, तभी कार्यक्रम निश्चित रूप से सफल होते हैं। समुदाय स्तर पर मुखिया, जनप्रतिनिधि, सीएचओ, सहिया, आंगनबाड़ी सेविका एवं एएनएम के सामूहिक प्रयास और टीमवर्क से ही स्वास्थ्य कार्यक्रमों को गति मिलती है।
राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाय मिंज ने कहा कि मजबूत जन स्वास्थ्य प्रणाली से ही देश का समुचित विकास संभव है।
उन्होंने बताया कि जन आरोग्य समिति को हर वर्ष आयुष्मान आरोग्य मंदिर के विकास और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए 50 हजार रूपए की राशि आवंटित की जाती है।
राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ कमलेश कुमार ने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से टीबी मुक्त पंचायत अभियान पर जोर देते हुए जोखिम समूह की नियमित जांच की जरूरत पर बल दिया।
कार्यक्रम में दूर-दराज से आए मुखिया, सीएचओ और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किया।
इस मौके पर डॉ एस बास्की, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, मुखिया अहिल्या कच्चप, मुखिया रेखा देवी सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

