छात्रों को मिली पंचायती राज व्यवस्था के अधिकारों की जानकारी
रांची, 23 अप्रैल (हि.स.)।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की पूर्व संध्या पर रांची विश्वविद्यालय के ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम (एमए) की ओर से गुरूवार को डॉ एलपी विद्यार्थी सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया। प्राध्यापक डॉ अटल पांडेय ने स्थानीय स्वशासन और ग्रामीण विकास में पंचायतों की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्राध्यापिकाओं शीरीन गुल, अंजलि सिंह और मालवी विश्वकर्मा ने भी अपने विचार रखे। छात्रों ने पंचायती राज व्यवस्था पर दिए गए अधिकार के बारे विस्तार से जानकारी ली।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें सूर्यजीत घोष ने पारंपरिक व्यवस्था और पंचायती राज के संबंध पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर छात्र सत्यम चौधरी ने बलवंत राय मेहता समिति के योगदान और पंचायत व्यवस्था से मिले अधिकारों की जानकारी दी। इसके बाद छात्रों ने सरकार आपके द्वार नाटक का मंचन कर ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की पहुंच और पंचायत की भूमिका को दर्शाया।
कार्यक्रम में पंचायती राज विषय पर क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित हुई, जिसमें दिलेश्वर लोहरा प्रथम और आस्था कुमारी द्वितीय स्थान पर रहीं। समन्वयक डॉ एसजे मिंज ने विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कहा कि पंचायती राज व्यवस्था जनता के सीधे शासन का माध्यम है और ग्रामीण सशक्तिकरण का आधार है।
कार्यक्रम का संचालन सुमित कुमार और आस्था कुमारी ने किया। कार्यक्रम में सुनीता मिश्रा, अमर श्रीवास्तव, शंकर राम, नदीम जावेद, कुंदन, जोसेफिन सहित अन्य छात्रों ने योगदान दिया।
इस अवसर पर बडी संख्या में कॉलेज के छात्र शिक्षक सहित अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

